2008 की वैश्विक मंदी के बाद हाल ही में सुस्त पड़े आईटी सेक्टर में कई लोगों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। कई बड़ी कंपनियां अपने शीर्ष अधिकारियों को बाहर निकालने के मूड में है। साथ ही संभव है कि 15 अरब डॉलर की इस इंडस्ट्री में कई जूनियर कर्मचारियों पर भी गाज गिरे। इसका कारण है कि इंडस्ट्री की ग्रोथ उम्मीद से काफी कम है और कंपनियां अमेरिका की ओर रुख कर रहीं है।
कॉग्निजेंट ने पिछले हफ्ते ही करीब 1000 लोगों को दरवाजा दिखाया था। खबर है कि कंपनी करीब 6000 लोगों को बाहर कर सकती है। इसके अलावा, इंफोसिस भी उच्च स्तर के करीब हजार लोगों को अलविदा कह सकती है। 3 सप्ताह पहले विप्रो के सीईओ अबिद अली नीमुचवाला ने कहा था कि यदि रेवेन्यु नहीं बढ़ा, तो इस साल बड़ी संख्या में लोगों की विदाई होगी।
कॉग्निजेंट की ग्रोथ साल 2015-16 में 20 फीसदी की रही, जो इस साल 8 फीसदी की थी। इसी तरह इंफोसिस की ग्रोथरेट 13.3 फीसदी से घटकर 8.3 ही रह गई है। यह इस साल 6.5 फीसदी तक गिर सकती है। ऐसा ही हाल टीसीएस का है, जो 12-15 फीसदी की तुलना में 8.3 फीसदी ही ग्रोथ दर्ज कर पाई है।