अर्थव्यवस्था में सरकार की ओर किए गए कुछ ढांचागत बदलावों और ग्लोबल अर्थव्यवस्था में सकारात्मक रुख के दम पर भारत में अगले कुछ दशकों के दौरान तेज आर्थिक विकास हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वाशिंगटन में यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक एंड पार्टनरशिप फोरम की बैठक के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार तरक्की की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों को दौरान देश में कारोबार करने का पूरा माहौल बदल गया है।
जेटली ने कहा कि भारत में अगले एक-दो दशक के दौरान तेज रफ्तार आार्थिक विकास की काफी संभावनाएं हैं। सरकार ने आर्थिक मोर्चों पर काफी सुधार किए हैं। लिहाजा इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। जेटली ने कहा, मैं इस बारे में निश्चित हूं कि दुनिया में आर्थिक विकास दर रफ्तार पकड़ रही है। जहां तक भारत का सवाल है तो इसका भविष्य अहम मोड़ ले रहा है।
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भारत की अर्थव्यवस्था ही इतनी बड़ी है कि इसमें अपार संभावाएं पैदा हो सकती हैं। जेटली ने कहा कि जब भाजपा 2014 में सत्ता में आई थी तो उसके पास सुधारों से मुंह मोड़ कर दूसरी ओर चलने का विक ल्प था। सरकार चाहती तो काले धन की अर्थव्यवस्था बदस्तूर चलने देती। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। सरकार ने काले धन की अर्थव्यवस्था को खत्म करने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए। और आखिरकार सरकार ने बड़े नोटों को बंद करने का फैसला किया।