भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस अगले दो सालों में दस हजार अमेरिकियों को नौकरी देने जा रहा है। इसके लिए यहां कंपनी चार टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन हब बनाएगी। बता दें कि एच1बी वीजा के कड़े नियम होने के बाद इंफोसिस द्वारा ये कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही कंपनी वहां चार टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन हब लगाएगी। कंपनी का कहना है कि यह वीजा मसले से उठे विवाद को कम करने की कोशिश है।
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अमेरिका ने भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस पर H-1B वीजा नॉर्म्स का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। अमेरिका ने कहा था कि इन कंपनियों ने H-1B वीजा के लिए लॉटरी सिस्टम में अतिरिक्त टिकट रखकर नॉर्म्स को तोड़ा है।
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इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने बताया कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर में अमेरिकी नागरिकों को नौकरी देने की तैयारी में है। सिक्का ने कहा कि इस कोशिश के तहत कंपनी पहले ही 2 हजार अमेरिकी लोगों को नौकरी दे चुकी है। सिक्का ने कहा, 'अगर आप अमेरिकी नजरिए से देखें तो बेशक अमेरिकी लोगों के लिए ज्यादा रोजगार और नौकरियों के मौके पैदा करना एक अच्छी बात है।'