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जीएसटी : कारोबारियों को रिटर्न भरने के लिए दो महीने की छूट

Mon, 19 Jun 2017 01:14 PM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
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सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में और किसी देरी से साफ इनकार किया है। जीएसटी परिषद की रविवार को हुई 17वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हमारे पास जीएसटी को टालने का समय नहीं है। इसे 30 जून और पहली जुलाई की मध्य रात्रि से ही लागू कर दिया जाएगा।
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बहरहाल, कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न भरने के लिए दो महीने की राहत दी गई है। सितंबर से उन्हें हर महीने समय पर रिटर्न फाइल करना होगा। कारोबारियों को जुलाई की बिक्री का रिटर्न अब 10 अगस्त की जगह 5 सिंतबर को जमा करना होगा। वहीं कंपनियों को अगस्त की सेल इनवॉयस को जीएसटी नेटवर्क पर 10 सितंबर के बदले 20 सितंबर को फाइल करना होगा।

होटल उद्योग को भी जीएसटी परिषद से राहत मिली है। 5,000 रुपये के किराए वाले होटल रूम के लिए अब 18 फीसदी जीएसटी देना होगा।  7,500 रुपये से अधिक के किराए वाले कमरे पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। इसका अर्थ यह हुआ कि 2,500 से 7,500 रुपये प्रतिदिन के किराए वाले कमरों के लिए जीएसटी की दर 18 फीसदी होगी। वहीं लॉटरियों पर जीएसटी की दो अलग-अलग दरें तय की गई हैं। सरकारी लॉटरी पर 18 प्रतिशत जीएसटी चुकाना होगा जबकि सरकार की ओर से अधिकृत निजी लॉटरी पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा।
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वित्त मंत्री ने कहा कि कई कंपनियों और उद्योग संगठनों ने तैयारी में कमी का मुद्दा उठाया है लेकिन हम जीएसटी लागू करने की समयसीमा नहीं बदल सकते। दरअसल, कई विशेषज्ञ संगठनों का कहना है कि सरकार को जीएसटी लागू करने की तारीख आगे बढ़ा देनी चाहिए। जीएसटी परिषद की अगली बैठक 30 जून को होगी।

छह नियमों को मंजूरी

जीएसटी परिषद ने छह नियमों को भी मंजूरी दी है। ये एडवांस रूलिंग, अपील एवं रिवीजन, एसेसमेंट, एंटी प्रॉफिटेयरिंग एवं फंड सेटलमेंट से संबंधित हैं। एंटी-प्रॉफिटेयरिंग नियमों के मुताबिक, एक स्थायी समिति शिकायत को आगे की जांच के लिए सेफगार्ड निदेशालय (डीजीएस) को सौंपेगी। सूत्रों के अनुसार, तीन महीने के अंदर एक पांच सदस्यीय एंटी-प्रॉफिटेयरिंग अथॉरिटी स्थापित की जाएगी। इस अथॉरिटी का कार्यकाल दो साल का होगा।

ई-वे बिल पर फैसला नहीं
जीएसटी परिषद ई-वे बिल की अधूरी तैयारियों को देखते हुए इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई। जेटली ने कहा, परिषद में इस मुद्दे पर दो मत थे। इस पर आगे विचार किया जाएगा...तब तक, वैकल्पिक नियम काम करेगा, जो राज्यों को मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने के लिए अधिकृत करेगा।

ई-वे बिल नियम पर फैसला परिषद की 30 जून को होने वाली बैठक या इसके बाद लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, ई-वे बिल नियमों के मसौदे एक अनुसार, 50,000 रुपये की कीमत वाली किसी भी वस्तु को जीएसटी नेटवर्क पर रजिस्टर करना होगा। ई-वे के लिए इंफ्रास्ट्रक्टर तैयार करने में कम से कम दो महीने का समय लगेगा।
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81.1 फीसदी मौजूद करदाता जीएसटी नेटवर्क पर आए

कारोबारियों के पंजीकरण का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि 80.91 लाख में से 65.60 लाख यानी 81.1 प्रतिशत मौजूदा उत्पाद शुल्क, सेवाकर और वैट करदाता जीएसटी नेटवर्क पोर्टल पर आ चुके हैं। 15 जून को बंद हुई पंजीकरण की प्रक्रिया को 25 जून को फिर शुरू किया जाएगा। अभी तक की प्रक्रिया संतोषजनक रही है। 81 प्रतिशत कारोबारी बिना किसी गड़बड़ी के पंजीकृत हुए हैं।

कुछ राज्यों ने नहीं पास किया जीएसटी
जेटली ने कहा कि कुछ ही राज्य बचे हैं जिन्होंने जीएसटी बिल पास नहीं किया है। तमिलनाडु में सोमवार को बैठक होनी है। पश्चिम बंगाल ने अध्यादेश पारित कर दिया है। उम्मीद है कि पंजाब और केरल भी इसे पास कर देंगे। इसके बाद केवल जम्मू कश्मीर बचता है। उम्मीद है कि इस सप्ताह सभी राज्य जीएसटी पास कर देंगे।
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