देश में प्रतिभा की कमी नहीं है और आरएंडडी गतिविधियों को बढ़ावा देने से भारत एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति का केंद्र बन सकता है। इन दोनों उत्पादों के उपकरणों पर वर्ष 2018 और 2019 में आयात शुल्क बढ़ाया गया था। भारत में इसका बाजार 60 लाख यूनिट से भी कम का है, जबकि चीन का बाजार आठ करोड़ यूनिट सालाना खपत का है।
यही कारण है कि घरेलू कंपनियां इसके लिए विदेशी वेंडरों पर निर्भर रहती हैं। साथ ही यदि आम आदमी को आयकर में राहत मिलेगी तो वह नई वस्तुएं खरीदने के लिए प्रोत्साहित होगा। लिहाजा सरकार को उन्हें राहत देने के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र को भी बढ़ावा देना चाहिए।
-बी. त्यागराजन, प्रबंधन निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड
पीएम-किसान योजना को लग सकता है झटका
किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की निश्चित राशि देने के लिए शुरू की गई पीएम-किसान योजना के मद में आवंटन राशि पर राज्यों की बेरुखी की वजह से आगामी बजट में कैंची चल सकती है। माना जा रहा है कि इस बार केंद्र सरकार इस मद में 20 फीसदी कम राशि का आवंटन करेगी।
बजट 2019-20 में जहां योजना को 75 हजार करोड़ रुपये मिले थे, वहीं 2020-21 के लिए 60 हजार करोड़ मिलने का ही अनुमान लगाया जा रहा है। इस साल पश्चिम बंगाल ने योजना को लागू ही नहीं किया, जबकि अन्य कई राज्यों ने किसानों को इसका व्यापक लाभ नहीं पहुंचाया।