अमेरिका जो इन बड़ी डिजिटल कंपनियों का घर है, वहां नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले इन नियमों को लागू करने की कोशिश की जा रही है। जर्मनी के वित्त मंत्री ओलाफ स्कॉल्ज ने बैठक से इतर एक टैक्स सेमिनार में कहा, अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों का इंतजार नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन मुचिन को देखते हुए स्कॉल्ज ने कहा, इसके लिए कुछ देशों में नेतृत्व की जरूरत है। ओईसीडी के प्रमुख एंजल गुर्रिया ने कहा, इस मुद्दे पर विकल्प को देखते हुए आगे बढ़ना ही एकमात्र रास्ता है। बता दें कि मुचिन ने पिछले साल बैठक में कहा था कि इस मुद्दे पर अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही विकल्प तैयार करने को आगे बढ़ना चाहिए।
भारत के लिए भी फायदेमंद
रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी डिजिटल कंपनियां वैश्विक स्तर पर 35 लाख करोड़ रुपये की सालाना कर चोरी करते हैं। जबकि भारत में फेसबुक के करीब 30 करोड़ उपभोक्ता हैं। वहीं भारत डिजिटल शॉपिंग का बड़ा गढ़ बनता जा रहा है, जिससे अमेजन जैसी कंपनियां बड़ा मुनाफा कमा रही हैं। ऐसे में नियमों के लागू होने से भारत को कर के रूप में बड़ा राजस्व प्राप्त हो सकता है।