ऋण की ब्याज दरों में माफी व ब्याज दरों में ब्याज ना लिए जाने समेत अन्य मुद्दों पर सलाह लेने के लिए सरकार ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति पूरे मामले का आंकलन करेगी ताकि इस मामले में जो भी फैसला लिया जाए वह सही ढंग से सूचित किया जा सके। समिति में सीएजी के चेयरमैन राजीव महऋषि, आईआईएम अहमदाबाद, के पूर्व प्रोफेसर व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति के पूर्व सदस्य डॉ रवींद्र एच ढोलकिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक बी श्री राम शामिल हैं।
समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। आवश्यक समझे जाने पर समिति बैंक और अन्य हितधारकों से परामर्श ले सकती है। समिति ब्याज में माफी और कोविड-19 संबंधी मोरेटोरियम के तहत ब्याज पर ब्याज के माफ किए जाने से देश की अर्थव्यवस्था पर असर और वित्तीय स्थिरता पर इसके असर, इस संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों की वित्तीय बाधाओं को कम करने के सुझाव और इस संबंध में अपनाए जाने वाले उपाय पर विचार करेगी।