सीमा शुल्क अधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान व्यावसायिक धोखाधड़ी के 18 मामले दर्ज किए हैं। इस दौरान पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और अफ्रीकी देशों को 170 करोड़ रुपये का सामान निर्यात किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में कनसाइनमेंट की कीमत कथित रूप से ज्यादा बताना और उनकी घोषणा नहीं करने की जांच चल रही है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान निर्यात में व्यावसायिक फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने और सरकार के राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए विशेष तौर पर निगरानी की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे 18 मामलों की जांच की जा रही है। अधिकारी ने इनकी अवैध गतिविधियों के बारे में बताया कि एक बार आयात या निर्यात करने के बाद गायब हो जाने वाले ऑपरेटर इस व्यावसायिक धोखाधड़ी में लिप्त पाए गए हैं।
ये लोग व्यापार से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा हैं। ये ऑपरेटर अवैध कारोबार को लेकर कस्टम अधिकारियों की नजर से बचने के लिए दिल्ली के सीलमपुर और उत्तम नगर जैसे सघन आबादी वाले इलाकों में कंपनियों का पंजीकरण कराते हैं। उन्होंने बताया कि निर्यात सामग्रियों में मुख्य रूप से रेडीमेड गारमेंट और ऑटोमोबाइल के पार्ट हैं।