दुनिया भर में कोविड-19 के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर डर का माहौल है। हालात ये हैं कि कई देशों में इसके मामले मिलने के बाद फिर से प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। लेकिन आपको जानकारी हैरानी होगी डर का सबब बन चुका यह नाम अब लोगों को फायदा भी पहुंचा रहा है। जी हां ये सच है, दरअसल ओमिक्रॉन के नाम से लॉन्च की गई एक क्रिप्टोकरेंसी की कीमत कुछ ही दिन में 900 फीसदी तक चढ़ गई है।
डब्ल्यूएचओ की घोषणा के बाद लगे पंख
कॉइन मार्केट कैप के आंकड़ों के अनुसार, ओमिक्रॉन नाम की इस क्रिप्टोकरेंसी की कीमत 27 नवंबर को महज 65 डॉलर (करीब 4,883 रुपये) थी। फिर दक्षिण अफ्रीका में मिले कोविड-19 के नए वैरिएंट को डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन नाम दे दिया। इसके बाद तो इस क्रिप्टोकरेंसी को पंख लग गए और इसका दाम तेजी से आसमान छूने लगा। दो दिन के भीतर ही 29 नवंबर को इस डिजिटल करेंसी की कीमत 689 डॉलर ( करीब 51,765 रुपये) तक पहुंच गई। हालांकि 30 नवंबर को इसमें मामूली गिरावट भी आई और फिर भी यह टूटकर करीब 51,618 रुपये पर रही।
दो दिन में 900 फीसदी चढ़ा भाव
इस तरह देखें तो ओमिक्रॉन नाम की यह क्रिप्टाकरेंसी का भाव महज दो दिन में ही 900 फीसदी तक बढ़ गया। इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, ओमिक्रॉन क्रिप्टो टोकन बिटक्वाइन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा इथेरियम पर आधारित है। इसकी ट्रेडिंग सुशीस्वैप के माध्यम से की जाती है।