ग्लोबल बाजार में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में लगातार गिरावट का असर अब भारत में क्रिप्टो पर निवेश करने वालों पर भी पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों में देश में क्रिप्टों में कारोबार करने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट देख गई है। क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से जुड़े देश के तीन बड़े एक्सचेंजों जिनमें ZebPay, WazirX और CoinDCX शामिल हैं ने क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन में आई गिरावट की पुष्टि की है। इन एक्सचेंजों की ओर से कहा गया है कि क्रिप्टो के कारोबार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण देश में 1 जुलाई से लागू होने वाले टैक्स के नए नियम हैं।
तीनों एक्सचेंज की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जुलाई महीने में क्रिप्टो के डेली वॉल्यूम में 60 से 87 फीसदी तक की कमी देखने को मिली है। आपको बता दें कि बीते एक जुलाई से क्रिप्टोकरेंसी के लिए किए जाने वाले लेनदेन पर सरकार की ओर से एक प्रतिशत TDS लगाने का प्रावधान कर दिया गया है। इसके बाद से घरेलू क्रिप्टोनिवेशकों की दिलचस्पी इसमें घटने लगी है। अन्य एक्सचेंज CoinGecko और Giottus ने भी ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ी गिरावट की बात कही है।
आपको बता दें कि ग्लोबल बाजारों में एनएफटी के भाव लगातार टूटने के कारण अलग-अलग डिजिटल करेंसीज की ट्रेडिंग वॉल्यूम में पहले से ही दबाव देखने को मिल रहा था। अब क्रिप्टो के लेनदेन पर TDS लगने के कानून के बाद निवेशक यह मानकर चल रहे हैं कि इससे उनका प्रॉफिट अब घटता ही जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में बिटकॉइन और दूसरे क्रिप्टो करेंसीज की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिली थी। पर, उसके बाद से इसकी कीमतें लगातार गिर रही हैं। ग्लोबल मार्केट में बिटकॉइन की कीमत 20000 डॉलर से भी नीचे फिसल गई है। इथेरियम और दूसरे डिजिटल करेंसीज में भी लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है।
CoinGecko के आंकड़ों के मुताबिक बीते 2 जुलाई को WazirX में 38 करोड़ डॉलर मूल्य की ट्रेडिंग हुई है। अगर इसकी तुलना एक साल पहले यानी साल 2021 के जुलाई महीने से की जाए तो इतनी राशि का कारोबार तब महज दो घंटों में ही हो जाता था। आपको बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में करोबार हफ्ते के सातों दिन और 24 घंटे (24x7) जारी रहती है।
WazirX के वाइस प्रेसिडेंट राजागोपाल मेनने ने क्रिप्टो के रोजाना कारोबार में आई गिरावट पर कहा है कि लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले कारोबारी अब भी खरीद-बिक्री कर रहे हैं पर मार्केट मेकर्स और हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स कारोबार में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वे लगभग बाजार से गायब ही हैं। मेनने के मुताबिक ज्यादातर ट्रेडर्स पीयर-टू-पीयर ट्रेडिंग पर भरोसा कर रहे हैं। वे कारोबार के लिए तथाकथित विक्रेंद्रीकृत एक्सचेंजों का रुख कर रहे हैं।
आपको बता दें कि इस साल फरवरी महीने में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसीज में निवेश करने वाले मुनाफे पर 30 फीसदी का टैक्स वसूला जाएगा, जबकि क्रिप्टोकरेंसी के लिए किए गए हर लेनदेन पर 1 प्रतिशत TDS भी देय होगा। इन टैक्सों की घोषणा करते हुए सभी तरह के NFT में निवेश को शेयर बाजार और बॉन्ड्स में निवेश से अलग माना गया था।
मंगलवार (5 जुलाई) को भी क्रिप्टोकरेंसीज की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। इस दौरान, बिटकॉइन की कीमत में 4.78 प्रतिशत तक की उछाल देखने को मिली है। बिटकॉइन मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे 16,45,000 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं इथेरियम भी 7.61 फीसदी की तेजी के साथ 93,737 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।