सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसियों में से एक के ध्वस्त हो जाने और दर्जनों ऐसी करेंसियों की कीमत में भारी गिरावट से क्रिप्टो बाजार में लोगों का भरोसा डोल गया है। दूसरी तरफ दुनिया भर की विनियामक (रेगुलेटर) सरकारी एजेंसियों को यह दावा करने का मौका मिला है कि उनकी चेतावनी सही साबित हुई। ये एजेंसियां कई बार चेतावनी दे चुकी थीं कि क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाना जोखिम भरा है।
सबसे ज्यादा झटका स्टेबल कॉइन कही जाने वाली क्रिप्टोकरेंसियों को लगा है। ये वे करेंसियां हैं, जिनके बारे में कहा जाता था कि उनकी कीमत डॉलर से बंधी हुई है। इस तरह उन्हें परंपरागत वित्तीय सिस्टम और क्रिप्टो ट्रेडिंग दायरे (इकॉसिस्टम) के बीच एक संपर्क-सेतु बताया जाता था।
इन्हीं करेंसियों में टेरायूएसडी (जिसे यूएसटी भी कहा जाता है) रही है। दावा किया जाता था कि एक यूएसटी की कीमत एक अमेरिकी डॉलर के बराबर रहती है। एक समय इस करेंसी का बाजार मूल्य 19 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। लेकिन एक हफ्ते पहले उसकी डॉलर से समतुल्यता भंग हो गई। उसके बाद से उसकी कीमत इतनी तेजी से गिरी है कि बीते शुक्रवार को उसका मूल्य 16 सेंट के बराबर रह गया था।
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन से लेकर ऐसी छोटी मुद्राओं तक में कारोबारियों का भरोसा तेजी से गिरा है। सबसे लोकप्रिय स्टेबल कॉइन टिथर रही है, जिसका बाजार मूल्य 80 बिलियन डॉलर आंका गया था। लेकिन बीते गुरुवार को डॉलर से इसकी भी मूल्य समतुल्यता टूट गई। जबकि टिथर का दावा था कि उसके पास हार्ड करेंसी में संपत्ति हैं। इसलिए उसका भाव जटिल ट्रेडिंग एल्गोरिद्म पर निर्भर नहीं है।
जापान में क्रिप्टो कारोबार से जुड़ी कंपनी रेमिक्सप्वाइंट के सीईओ गेंकी ओडा ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- ‘एल्गोरिद्मिक स्टेबल कॉइन्स की सीमाएं हैं। भविष्य में सिर्फ कोई एक स्टेबल कॉइन बचेगा, जिसके पास पर्याप्त संपत्ति होगी।’
जापान के दाइवा इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च में शोधकर्ता जुन योकोयामा ने कहा कि वैश्विक रुझान के मुताबिक जापान सरकार भी इस मामले में उचित कदम उठाएगी। गौरतलब है कि अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने क्रिप्टो कारोबार को विनियमित करने के लिए कानून बनाने की जरूरत बता चुकी हैँ।
क्रिप्टो कारोबार की निगरानी करने वाली संस्था कॉइन मार्केट कैप के मुताबिक बीते शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसियों का कुल बाजार मूल्य 1.3 ट्रिलियन डॉलर था। यह एक हफ्ते पहले की तुलना में 280 बिलियन डॉलर कम था। वैसे यूएसटी का मूल्य पाताल पर पहुंच जाने के बावजूद स्टेबल कॉइन्स का पिछले हफ्ते तक कुल मूल्य 150 बिलियन डॉलर के बराबर कायम था।
विशेषज्ञों ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसियों के भाव में अचानक भारी गिरावट ने क्रिप्टो मुद्राओं की कमजोरी को उजागर कर दिया है। जापान में क्रिप्टो कारोबार की कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी ने कहा- इस बार असर ज्यादा गंभीर इसलिए हुआ है, क्योंकि क्रिप्टो का सारा इकॉसिस्टम ध्वस्त हो गया।
यूएसटी की शुरुआत 2018 में दक्षिण कोरिया में हुई थी। उसका मकसद डॉलर से क्रिप्टो के भाव को जोड़ कर इस क्षेत्र में स्थिरता लाना था। लेकिन अब इसी करेंसी के कारण क्रिप्टो कारोबार को अब तक का सबसे बड़ा धक्का लगा है।