पाकिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। बताया जाता है कि ये लाखों डॉलर का घोटाला है। ये जानकारी पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एफआईए) की साइबर अपराध शाखा ने दी है। इस ममले में क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से जुड़ी एक चर्चित कंपनी बिनांस को नोटिस जारी किया गया है।
एफबीआई अपनी जांच से इन नतीजे पर पहुंची है कि पाकिस्तान में ऑनलाइन निवेश में पॉन्जी योजनाओं की तरह के घोटाले हुए हैं। इन निवेश योजनाओं में निवेशकों को लालच दिया जाता है कि अगर वे अधिक लोगों को निवेश के लिए राजी करेंगे, तो उन्हें ज्यादा ऊंची दर से फायदा मिलेगा। एफबीआई के मुताबिक ऐसी योजनाओं में नए निवेशकों की कीमत पर पुराने निवेशकों को कुछ समय तक फायदा पहुंचाया जाता है। कुछ समय बाद स्कीम के संचालक गायब हो जाते हैं। तब तक वे अरबों रुपये का वारा-न्यारा कर चुके होते हैं।
ये मामला तब सामने आया, जब पिछले महीने पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों से अनेक लोगों ने जांच एजेंसियों से संपर्क किया। उन्होंने शिकायत की कि 11 मोबाइल एप्स ने काम करना बंद कर दिया है। बाद में जांच से पता चला कि इन एप को चलाने वाली कंपनियों ने लोगों को भारी चूना लगाया है। इन एप्स के जरिए लोगों से बिनांस क्रिप्टो एक्सचेंज (बिनांस होल्डिंग्स लिमिटिड) पर खुद को रजिस्टर्ड कराने की सुविधा दी जाती थी। उसके बाद संबंधित एप के जरिए बिनांस के वॉलेट से रजिस्टर्ड करने वाले व्यक्ति को पैसा ट्रांसफर किया जाता था।
अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक हर एप के जरिए कम से कम पांच हजार आवेदन पत्र बिनांस को प्राप्त हुए। एचएफसी नाम के एक एप के जरिए तो 30 हजार से अधिक लोगों ने बिनांस पर खुद को रजिस्टर्ड कराया। अधिकारियों ने बताया है कि लोगों ने एक सौ से 80 हजार डॉलर तक का निवेश इन एप्स के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में किया। औसतन हर निवेशक ने 2000 डॉलर लगाए। इस तरह कुल लगभग दस करोड़ डॉलर का निवेश किया गया। यानी इतनी बड़ी रकम की धोखाधड़ी हुई है।
विशेषज्ञों ने अंदाजा लगाया है कि बिनांस की तरह ही ज्यादा एप्स की संचालक कंपनियां विदेशों में रजिस्टर्ड होंगी। टेलीग्राम एप से एफबीआई ने संबंधित ग्रुप के एडमिन की जानकारी मांगी है। लेकिन ऐसी जानकारी मिलना मुश्किल है। साथ ही टैक्स हैवेंस में रजिस्टर्ड कंपनियों तक पहुंचना भी आसान नहीं है।