देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शुमार विप्रो को वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 12.5 फीसदी का मुनाफा हुआ है। कंपनी द्वारा बुधवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार पहली तिमाही में कंपनी को 2387.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। पिछले साल कंपनी को 2120.8 करोड़ रुपये का इसी अवधि में मुनाफा हुआ था।
पिछले नतीजों से 3.86 फीसदी का घाटा
हालांकि कंपनी को मार्च में जारी चौथी तिमाही के नतीजों के मुकाबले 3.86 फीसदी का घाटा हुआ है। कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली 4.9 फीसदी बढ़कर 15,566.6 करोड़ हो गई। पिछले साल यह आय 14,827.4 करोड़ रुपये थी। बीएसई पर कंपनी का शेयर 259.70 के स्तर पर कारोबार करते हुए बंद हुआ।
आखिरी बार एजीएम को किया संबोधित
नतीजों को जारी करने से पहले आखिरी बार कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने एजीएम को संबोधित किया। इस दौरान प्रेमजी ने विप्रो के भविष्य पर कहा कि कंपनी की स्ट्रैटेजी को सफल बनाने के लिए हम प्रमुख रूप से चार क्षेत्रों- डिजिटल, क्लाउड, इंजीनियरिंग सर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी मूल्यों पर टिके रहकर नई ऊंचाइयां छूएगी और भरोसा जताया कि विप्रो का भविष्य और भी बेहतर होगा।
30 जुलाई को रिटायर होंगे प्रेमजी
बता दें कि पिछले महीने ही अजीम प्रेमजी ने रिटायरमेंट का एलान किया था। प्रेमजी ने कहा था कि वो 30 जुलाई को रिटायर होंगे। कंपनी ने अजीम के बेटे रिशद प्रेमजी को अगले पांच सालों के लिए पूर्णकालिक निदेशक और एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पर नियुक्त कर दिया है। रिशद अब विप्रो समूह की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति 31 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी।
विप्रो को आगे ले जाएंगे रिशद - अजीम प्रेमजी
इसके साथ ही अजीम प्रेमजी ने एजीएम में शेयरधारकों से कहा कि रिशद नई सोच, व्यापक अनुभव और क्षमताओं के जरिए विप्रो को आगे ले जाएंगे। रिशद 2007 से लीडरशिप टीम का अभिन्न हिस्सा रहे हैं इसलिए उन्हें कंपनी के बारे में अच्छी समझ है।