समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की वजह से वोडाफोन आइडिया को दूसरी तिमाही में 50, 921 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इससे पहले पिछले साल की दूसरी तिमाही में कंपनी को 4,947 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। यह भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में अभी तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है।
नतीजों की घोषणा से पहले दिन में आदित्य बिड़ला समूह ने कहा था कि अगर सरकार समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) को लेकर 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी पर बड़ी राहत नहीं देती, तो वह कंपनी में और निवेश नहीं करेगी। ऐसे में वोडाफोन आइडिया दिवालिया हो जाएगी। बता दें कि पिछले माह एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। उसके बाद पहली बार आदित्य बिड़ला समूह के अधिकारियों ने कंपनी को दिवालिया घोषित करने के विकल्प पर सार्वजनिक बयान दिया है।
साथ ही समूह के अधिकारी का कहना है कि वह वोडाफोन समूह के सीईओ निक रीड के बयान से सहमत हैं। वोडाफोन के मुख्य कार्यकारी (सीईओ) निक रीड ने कहा था कि भारत ‘लंबे समय से बेहद चुनौतीपूर्ण’ बना हुआ है, लेकिन वोडाफोन आइडिया के पास अभी भी 30 करोड़ ग्राहक हैं जो बाजार के आकार के हिसाब से 30 फीसदी हैं। उन्होंने कहा, ‘विपरीत नियमों, अत्यधिक करों और उससे भी ज्यादा सुप्रीम कोर्ट के नकारात्मक फैसले के चलते कंपनी पर भारी वित्तीय बोझ है।’
सुप्रीम कोर्ट के बकाया चुकाने के आदेश से भारती एयरटेल को तगड़ा झटका लगा है। बृहस्पतिवार को जारी नतीजों के मताबिक, दूरसंचार कंपनी को जुलाई-सितंबर, 2019 तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का भारी भरकम घाटा हुआ है। वहीं एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी को 119 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी ने कहा कि नए अकाउंटिंग सिस्टम के कारण नतीजों की तुलना नहीं की जा सकती है।
गुरुवार को वोडाफोन आइडिया का शेयर 22 फीसदी तक गिर गया था। इसके बाद यह 18.92 फीसदी यानी 0.30 अंक की गिरावट के बाद तीन रुपये के स्तर पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 3.35 के स्तर पर खुला था, जबकि पिछले कारोबारी दिन वोडाफोन आइडिया का शेयर 3.70 के स्तर पर बंद हुआ था।
वोडाफोन आइडिया के शेयर में भारी गिरावट इसलिए आई क्योंकि आदित्य बिड़ला समूह ने कहा है कि अगर सरकार समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) को लेकर 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी पर बड़ी राहत नहीं देती, तो वह कंपनी में और निवेश नहीं करेगी। ऐसे में वोडाफोन आइडिया दिवालिया हो जाएगी।