शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

दिवालिया घोषित होगी वीडियोकॉन, 54 बैंकों के डूबेंगे 90 हजार करोड़ रुपये

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 06 Apr 2019 11:18 AM IST
venugopal dhoot
देश में एक और कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित करने जा रही है। वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने कहा है कि उनकी कंपनी पर 90 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। पिछले साल कर्ज लौटाने में डिफॉल्ट के बाद एसबीआई ने एनसीएलटी में याचिका दी थी। दिवालिया कानून के नियमों के मुताबिक कंपनी के बोर्ड को निलंबित कर दिया गया है। रोज के कामकाज के लिए रिजोल्यूशन प्रोफेशनल की नियुक्ति की गई है।

54 बैंकों की बैलेंस शीट पर असर

समूह की इस घोषणा के बाद से 54 बैंकों की बैलेंस शीट पर असर पड़ने की संभावना है। समूह की दो कंपनियां वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वीआईएल) और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशन लिमिटेड (वीटीएल) कर्ज के बोझ तले दबी हैं। 

54 कर्जदाताओं में से 34 बैंक

वीआईएल पर 59,451.87 करोड़ रुपये और वीटीएल पर 26,673.81 करोड़ रुपये का कर्ज है। वीआईएल के 54 कर्जदाताओं में से 34 बैंक हैं।  इन बैंकों में से वीआईएल पर सबसे ज्यादा बकाया एसबीआई का है। एसबीआई का करीब 11,175.25 करोड़ रुपये बकाया है। वीटीएल पर एसबीआई का करीब 4,605.15 करोड़ रुपये बकाया है।

बैंक के कर्ज के अलावा 731 सप्लायर्स (ऑपरेशनल क्रेडिटर्स) की राशि भी इन कंपनियों पर बकाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सप्लायर्स के करीब 3,111 करोड़ 79 लाख 71 हजार 29 रुपये वीआईएल पर बकाया हैं। वहीं वीटीएल पर सप्लायर्स के करीब 1266 करोड़ 99 लाख 78 हजार 507 रुपये बाकी हैं।

इन बैंकों से लिया है लोन

वीआईएल पर आईडीबीआई बैंक के 9,561.67 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक के 3,318.08 करोड़ रुपये बकाया हैं। जबकि वीटीएल पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 3,073.16 करोड़ रुपये और 1,439 करोड़ रुपये आईसीआईसीआई के बकाया है।आईसीआईसीआई बैंक के वीआईएल पर 3,318.08 करोड़ और वीटीएल पर 1,439 करोड़ रुपये बकाया हैं। 
विज्ञापन

धूत पर है केस दर्ज

आईसीआईसीआई बैंक में जारी विवाद के बाद अब दिल्ली पुलिस ने एक और मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में धूत को 7 साल तक की सजा हो सकती है। 

यह है मामला

धूत के खिलाफ दो साल पहले तिरुपति सेरामिक्स के मालिक संजय भंडारी ने मामला दर्ज कराया था। तब भंडारी ने धूत के खिलाफ 30 लाख शेयर बिना बताए बेचने का आरोप लगाया था। यह सभी शेयर पहले भी किसी व्यक्ति को बेचे गए थे। इस ट्रांजेक्शन के बारे में धूत ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भी जानकारी नहीं दी थी। 

बैंकों ने कर रखा है दिवालिया कोर्ट में केस

कई बैंकों ने वीडियोकॉन के खिलाफ दिवालिया कोर्ट और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर रखी है। अभी तक एनसीएएलटी ने 57 हजार करोड़ की रिकवरी के मामलों को स्वीकार कर लिया है। 

पहली बार इस केस में आया था नाम

आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत को कर्ज देने के बदले बैंक की तत्कालीन सीईओ चंदा कोचर द्वारा घूस लेने का मामला है। घूस की रकम चंदा के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर के खाते में जमा कराई जाती थी।

हर बार जितनी राशि का कर्ज चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन को स्वीकृत किया, उसकी दस प्रतिशत रकम वीडियोकॉन या उसकी सहयोगी कंपनियों द्वारा न्यूपावर के खाते में जमा करा दी जाती थी। सारा काम कई कंपनियों के एक ताल के माध्यम से हो रहा था ताकि जांच एजेंसियों की निगाह से बचा जा सके।

ऐसे चला कर्ज और कमीशन का खेल

  • दिसंबर 2008 - वेणुगोपाल धूत, दीपक कोचर और उनका भाई राजीव कोचर साझेदारी में न्यूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी स्थापित करते हैं।
  • चंदा कोचर 2009 में आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ बनती हैं।
  • जनवरी 2009 - धूत न्यूपावर के अपने 25000 शेयर ढाई लाख रुपये में दीपक कोचर को बेच देते हैं।
  • जून 2009 - धूत न्यूपावर से अपना शेयर निकाल कर अपनी कंपनी सुप्रीम एनर्जी में डाल देते है। यानी साझेदारी खत्म।
  • मार्च 2010 - धूत की सुप्रीम एनर्जी न्यूपावर को 64 करोड़ रुपये का कर्ज देती है।
  • मार्च 2012 - धूत सुप्रीम एनर्जी के सारे शेयर दीपक कोचर के पिनेकल ट्रस्ट को नौ लाख रुपये में बेच देते हैं। यानी कोचर धूत से लिया  64 करोड़ का कर्ज मात्र नौ लाख रुपये में अदा कर देते हैं।
  • अप्रैल 2012 - आईसीआईसीआई बैंक वीडियोकॉन समूह की पांच कंपनियों को 3250 करोड़ रुपये का कर्ज देता है।
  • अप्रैल 2012 - टैक्स हैवेन माने जाने वाले मारीशस की कंपनी फर्स्टलैंड होल्डिंग्स कोचर की न्यूपावर में 325 करोड़ रूपया डालती है। यानी कर्ज की राशि की दस फीसदी।
  • कर्ज की इस रकम में से 2810 रुपये यानी 86 प्रतिशत राशि आज तक अदा नहीं की गई है। बैंक ने 2017 में इसे एनपीए करार दे बट्टे खाते में डाल दिया।
  • अप्रैल 2012 - आईसीआईसीआई बैंक वीडियोकॉन समूह की टैक्स हैवन माने जाने वाले केमैन द्वीप स्थित कंपनी को 660 करोड रुपये का कर्ज देती है।
  • मॉरीशस स्थित डीएच रीन्यूएबल्स कोचर की न्यूपावर में 66 करोड़ रुपया डालती है। यानी कर्ज की राशि का दस फीसदी।
विज्ञापन

Recommended

videocon venugopal dhoot bankruptcy banks ibc वीडियोकॉन वेणुगोपाल धूत दिवालिया आईबीसी

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।