अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुनिया को बता रखा है कि वो एक कुशल कारोबारी रहे हैं, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी) ने उनके दावों की पोल खोल दी है। एनवाईटी ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि ट्रंप को 1985-1994 के बीच 1.17 अरब डॉलर (8073 करोड़ रुपये) का घाटा उठाना पड़ा था। इन दस सालों में आठ साल ऐसे थे, जब ट्रंप की आय के मुकाबले घाटा इतना ज्यादा था कि उनकी कंपनी को टैक्स भी नहीं देना पड़ा।
ट्रंप ने जब 2016 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार शुरू किया था तो उन्होंने खुद को चतुर और सौदेबाजी में माहिर बिजनेसमैन बताया था। रिपोर्ट के मुताबिक 1990 में ट्रंप को बिजनेस में 25 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। 1991 में भी इतना ही घाटा हुआ। यह उच्च आय वाले किसी अन्य अमेरिकी नागरिक के घाटे की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा था।
हालांकि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने अपने टैक्स रिटर्न की जानकारी नहीं बताई है। इस तरह से ट्रंप ने एक दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ दिया। इस परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति को अपने टैक्स रिटर्न की जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ती है।
अखबार के मुताबिक ट्रंप ने 1985 में न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में स्थित मेरिएट्स होटल को 7.37 करोड़ डॉलर में खरीदा था। 1989 में इसे 18 करोड़ डॉलर में बेच दिया था। हालांकि इसको बेचने में लाभ तो हुआ, लेकिन उस साल भी घाटा इतना ज्यादा था कि उनको टैक्स नहीं चुकाना पड़ा।
2016 में राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने अपने कारोबार की जिम्मेदारी बेटे को दे दी है। ट्रंप का मुख्य कारोबार रियल एस्टेट, कैसीनो, होटल और आवासीय परिसरों में दुकानों का है। ट्रंप लगातार कई सालों तक फोर्ब्स की सूची में भी बने रहे हैं।
| साल | घाटा (करोड़ डॉलर) | |
| 1985 | 4.61 | |
| 1986 | 6.87 | |
| 1987 | 4.22 | 2.9 करोड़ डॉलर का यॉट, 40.7 करोड़ की होटल खरीदी |
| 1988 | 3.04 | सैलरी से 6.7 करोड़ डॉलर की आय हुई |
| 1989 | 18.2 | ब्याज से 5.29 करोड़ डॉलर की आय |
| 1990 | 25 | ब्याज से 1.87 करोड़ डॉलर की कमाई |
| 1991 | 25 | |
| 1992 | 5.55 |