सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर दिखाई देने लगेगा। गौड़ ग्रुप के एमडी और क्रेडाई की अफोर्डेबल हाउसिंग कमेटी के चेयरमैन मनोज गौड़ ने उम्मीद जताई है कि अगला वित्तीय वर्ष रियल एस्टेट सेक्टर के लिए काफी अलग होगा।
अमर उजाला से खास बातचीत में मनोज गौड़ ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआती दो तिमाही में रियल एस्टेट सेक्टर काफी कमजोर रहा है। खासतौर पर दिल्ली एनसीआर के मार्केट में कमजोरी देखने को मिली है। जुलाई में पेश किए गए बजट के बाद वित्त मंत्री द्वारा की रियल एस्टेट सेक्टर के लिए की गई घोषणाओं का असर अगले वित्तीय वर्ष में देखने को मिलेगा।
इसके साथ ही सेक्टर की स्तिथि को सुधारने के लिए वित्त मंत्री आने वाले बजट में कुछ और घोषणाएं कर सकती हैं। अगर वित्त मंत्री आयकर के स्लैब और करों में कटौती करती हैं, तो फिर इसका फायदा पूरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में भी नई जान आएगी।
गौड़ संस के 25 साल पूरे होने पर मनोज गौड़ ने कहा कि वो आने वाले वर्षों में ऐसे फ्लैट्स बनाने जा रहे हैं, जो कम बजट वाले लोग भी खरीद सकें। इसमें उनको एक हजार वर्ग फुट वाला फ्लैट 30 लाख में मिल जाएगा। इससे केंद्र सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम को भी बल मिलेगा। अभी पूरे देश में अफोर्डेबल हाउसिंग का बाजार केवल 10 फीसदी है। हालांकि इस बाजार के आगे विकास करने की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं।
जीएसटी पर मिले इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ
मनोज गौड़ ने कहा कि सरकार को बजट में जीएसटी पर मिलने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ फिर से मिलना चाहिए। रियल एस्टेट सेक्टर से सरकार ने आईटीसी का लाभ हटा दिया है, इससे कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में वित्त मंत्री से उम्मीद कि वो बजट में इसकी घोषणा कर दें, ताकि कंपनियां और ग्राहकों को फायदा हो।