रिलांयस एडीएजी समूह के मालिक अनिल अंबानी पर तीन चीनी बैंकों ने 48.53 अरब रुपये (68 करोड़ डॉलर) का मुकदमा दर्ज किया है। इन बैंकों ने कहा है कि अनिल अंबानी की बंद हो चुकी कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन को 2012 में 66.03 अरब रुपये (92.52 करोड़ डॉलर) का कर्ज लिया था, जिसका भुगतान 2017 डिफॉल्ट कर गया था।
जिन बैंकों ने आर-कॉम पर मुकदमा दर्ज किया है उनमें इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, चाइना डेवलपमेंट बैंक और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना शामिल हैं। यह मुकदमा लंदन की अदालत में किया गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों बैंकों ने लोन देने से पहले अनिल अंबानी को निजी गारंटी देने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ।
व्यापार जगत में एक दशक पहले तक अनिल अंबानी और रिलायंस की तूती बोलती थी। मार्च 2018 में रिलायंस ग्रुप का कुल कर्ज 1.7 लाख करोड़ रुपये था। हाल ही में अनिल अंबानी ने कहा था कि बीते कुछ महीनों में उनके समूह ने 35 हजार करोड़ रुपये की देनदारी को चुकाया है।
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने रिलायंस हेल्थ इंश्योरेंस कारॅपोरेशन लिमिटेड (आरएचआईसीएल) पर नई पॉलिसी बेचने पर रोक लगा दी है। वह अब सिर्फ अपने पुराने ग्राहकों को ही सेवा देती रहेगी। अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस समूह की कंपनी आरएचआईसीएल वित्तीय संकट से जूझ रही है।
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम ( IPO ) के जरिये 200 करोड़ रुपये के नए शेयरों की बिक्री करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने प्रस्तावित आईपीओ की योजना को वापस ले लिया है।
इसके साथ ही रिलायंस कैपिटल के 79,489,821 शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाने थे। बाजार नियामक सेबी को रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के प्रस्तावित आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉसपेक्टस इस निर्गम के लीड मैनेजर मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के जरिये आठ फरवरी को मिला था। लेकिन अब सेबी के मुताबिक आईपीओ के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट्स लीड मैनेजर मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स द्वारा वापस ले लिए गए हैं।