देश की दिग्गज आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) अपने कुछ कर्मचारियों के वेतन पैकेज में बदलाव करने जा रही है। कंपनी खर्चों में कटौती के लिए ऐसा करने जा रही है। इसके लिए कंपनी के पिरामिड मॉडल में बदलाव होगा।
युवा इंजीनियरों को मिलेगी नौकरी
कंपनी जल्द ही युवा इंजीनियरों को बड़ी संख्या में नौकरी पर रखेगी, जिनके पास डिजिटल स्किल होंगी। इससे कंपनी अपने खर्चों में कटौती के साथ ही अपने मार्जिन को भी बढ़ा सकेगी। प्लान के मुताबिक पहले से कार्यरत कर्मचारियों के वेतनमान में भी बदलाव होगा।
ऐसे कर्मचारियों के वेरिएबल वेतन को बढ़ाया जाएगा। यह वेरिएबल वेतन कर्मचारी के पर्फोमेंस के आधार पर मिलेगा। कंपनी के मॉडल के हिसाब से चार साल तक के अनुभव वाले कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं इससे ज्यादा अनुभव वाले कर्मचारियों की संख्या प्रत्येक टीम में कम की जाएगी।
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी वी रामाकृष्णन ने कहा कि हमारी कंपनी में बहुत सारे ऐसे कर्मचारी हैं, जो काफी सालों से कार्य कर रहे हैं। पीरामिड मॉडल में कुछ सालों में बदलाव किया जाता है। हालांकि इस मॉडल के लागू होने से किसी कर्मचारी को निकाला नहीं जाएगा।
इस साल किया 26 हजार लोगों को भर्ती
कंपनी ने पिछले साल 26 हजार लोगों को नौकरी पर रखा था। चालू वित्त वर्ष के छह माह में भी कुल इतने नए लोग कंपनी का हिस्सा बन चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि वो विदेश में कांट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों की संख्या में कमी करेगी।
इनकी जगह पर पूर्णकालिक कर्मचारियों को रखा जाएगा। 2020-21 में कंपनी कैंपस के जरिए कुल 30 हजार लोगों की भर्ती करेगी। इनमें से 1500 कर्मचारी अमेरिका और यूरोप के कॉलेज से लिए जाएंगे। ऐसे लोगों को 60 हजार से 90 हजार डॉलर सालाना सैलरी दी जाएगी।