देश की दिग्गज आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने वैश्विक कंपनी आईबीएम को बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के मामले में पीछे कर दिया है। सोमवार को टीसीएस का बाजार पूंजीकरण जहां 8.37 लाख करोड़ रुपये (12050 करोड़ डॉलर) हो गया है, वहीं आईबीएम का बाजार पूंजीकरण केवल 8.32 लाख करोड़ रुपये (11960 करोड़ डॉलर) था।
इससे पहले सोमवार को ही टीसीएस ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी भारत में पीछे कर दिया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण केवल 8.36 लाख करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में टीसीएस की आय 2090 करोड़ डॉलर (करीब 1,46,300 करोड़ रुपये) हो गई है।
वहीं, इस दौरान DXC की आय 2070 करोड़ डॉलर (करीब 1,44,900 करोड़ रुपये) रही है। आपको बता दें कि राजेश गोपीनाथन के सीईओ बनने के बाद टीसीएस लगातार नई उंचाइयों को पहुंचती जा रही है। इसी वजह से बीते वित्त वर्ष 18-19 में उनका वेतन 28 फीसदी बढ़ा दिया गया है। जो कि यह अब 16 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
भारत में आईबीएम ने 1950 में प्रवेश किया था। हालांकि 1970 में कंपनी को देश छोड़कर बाहर जाना पड़ा था। 1992 में टाटा समूह के साथ कंपनी ने साझेदारी करके फिर से देश में वापसी की थी। फिर 1997 में आईबीएम ने टाटा समूह के साझेदारी को खत्म कर दिया और स्वतंत्र तौर पर कारोबार करने लगी।