दिग्गज भारतीय उद्योगपति आदि बी गोदरेज का कहना है कि जो लोग वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर चिंता जता रहे हैं और इसके क्रियान्वयन को कुछ समय के लिए टालने की बात कर रहे हैं, वे मुख्यत: कर चोर हैं। गोदरेज समूह के चेयरमैन ने जीएसटी को 1 जुलाई के बजाय 1 अक्टूबर से लागू करने के कुछ उद्योगों के सुझाव को हास्यास्पद बताया।
आदि गोदरेज ने एक साक्षात्कार में कहा कि हर किसी के पास नई कर प्रणाली के लिए तैयार होने के लिए काफी समय है। पहले इसे लागू करने की तारीख 1 अप्रैल थी, जो अब 1 जुलाई हो गई है। मैंने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम का जीएसटी को 1 जुलाई के बजाय 1 अक्टूबर से लागू करने के सुझाव वाला बयान देखा। लेकिन मुझे लगता है कि यह हास्यास्पद होगा।
उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहली बात कि जीएसटी के लिए किया गया संवैधानिक संशोधन सितंबर तक समाप्त हो जाएगा। इसलिए हमें जीएसटी के क्रियान्वयन को टालना नहीं चाहिए और जो लोग इसे कुछ समय के लिए टालने की बात कर रहे हैं, वे मुख्यत: वैसे लोग हैं जो वर्तमान में कर चोरी कर रहे हैं। इसलिए वे इसके शिकंजे में आने से बचना चाहते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या जीएसटी को लेकर कोई चिंता या चुनौती है, उन्होंने कहा कि कोई बड़ी चिंता नहीं है।
जो लोग चिंता जता रहे हैं, जो लोग जीएसटी को कुछ समय के लिए टालना चाहते हैं, मेरे ख्याल से वे लोग कर चोरी में शामिल हैं। गोदरेज ने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी देश के लिए बहुत अच्छा रहेगा और 1 जुलाई से इसे लागू किए जाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को कई लाभ होंगे। सबसे पहले तो अप्रत्यक्ष करों की चोरी बहुत मुश्किल हो जाएगी। इसलिए लोग नियमों का पालन करने लगेंगे। इसका अर्थ है कि सरकार का राजस्व बढ़ेगा क्योंकि कर चोरी काफी हद तक कम हो जाएगी।