देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में 4.9 फीसदी बढ़कर 8,433 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 16,000 करोड़ रुपये की पुनर्खरीद योजना को भी मंजूरी दी है। टीसीएस ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि शुद्ध लाभ में कानूनी दावे से जुड़े 1,218 करोड़ रुपये के प्रावधान को शामिल नहीं किया गया है। इन प्रावधानों को घटाने पर शुद्ध लाभ 7,475 करोड़ रुपये बनता है।
तीन फीसदी बढ़ी आय
इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में कंपनी को 8,042 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। कंपनी की आय चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में तीन फीसदी बढ़कर 40,135 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 38,977 करोड़ रुपये थी।
16,000 करोड़ की पुनर्खरीद योजना को मंजूरी
कंपनी के अनुसार निदेशक मंडल ने 3,000 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के भाव पर 16,000 करोड़ रुपये की पुनर्खरीद योजना को मंजूरी दी है। यह टीसीएस के बीएसई में बुधवार को बंद शेयर भाव 2,737.4 रुपये के मुकाबले 9 फीसदी अधिक है। गुरुवार को कंपनी का शेयर 2800 के स्तर पर खुला और इसमें बढ़त देखी जा रही है।
इस संदर्भ में टीसीएस ने कहा कि, 'निदेशक मंडल ने टीसीएस के 5,33,33,333 इक्विटी शेयरों के पुनर्खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी का 1.42 फीसदी है। यह पुनर्खरीद 3,000 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर होगी। यह पुनर्खरीद 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की नहीं होगी।' कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम लाभांश की भी सिफारिश की है। टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथ ने कहा, 'मजबूत ऑर्डर, कई सौदों के पाइपलाइन में होने और निरंतर बाजार में हिस्सेदारी के लाभ ने हमें भविष्य को लेकर भरोसा दिया है।'