सायरस मिस्त्री को अचानक टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटाने के बाद बागडोर अपने हाथ में लेने के बाद अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने अधिकारियों को संदेश दिया। रतन ने टाटा ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों से ग्रुप में हो रहे फेरबदल पर ध्यान न देकर कारोबार और मार्केट लीडरशिप बढ़ाने पर ध्यान केंद्रीत करने को कहा।
उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल कुछ ही समय का है और इस दौरान सभी अपने ग्रुप को लीडरशिप के स्थान पर पहुंचाने पर जोर दें। उन्होंने करीब 100 अरब डॉलर की कंपनी के वरिष्ठतम अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने कारोबार क्षेत्र में लीडर की भूमिका निभाएं और शेयरधारकों का रिटर्न बढ़ाने पर ध्यान दें।
बांबे हाउस में टाटा समूह की कंपनियों के प्रबंध निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं स्थायित्व और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम चेयरमैन की भूमिका में आया हूं, ताकि नेतृत्वहीनता की स्थिति पैदा न हो। यह अवधि बहुत छोटी होगी। एक नया और स्थायी नेतृत्व लाया जाएगा।