देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स को दो साल में पहली बार 1738 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। हालांकि कंपनी की आय में गिरावट देखने को मिली है। इससे पहले टाटा मोटर्स को जैगुआर एंड लैंड रोवर की वजह से लगातार घाटा हो रहा था। लेकिन इस बार इसी जेएलआर की वजह से कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
कंपनी को पिछले साल की तीसरी तिमाही में 26,992.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस बार की तिमाही में कंपनी लाभ में आ गई है। हालांकि कंपनी की आय 6.8 फीसदी घटकर के 71,676.1 करोड़ रुपये रह गई है। वहीं पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की आय 76915 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी की एबिट 6,126.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,393.8 करोड़ रुपये रही है जबकि एबिट मार्जिन 8% से बढ़कर 10.3% पर रही है।
चीन में गाड़ियां बिकने के चलते जेएलआर को इस तिमाही में 39.2 करोड़ पाउंड (3674 हजार करोड़ रुपये) का मुनाफा हुआ है। चीन में कंपनी की खुदरा बिक्री में 24.3 फीसदी का मुनाफा हुआ है। नई रेंज रोवर इवोक (Evoque) के चलते कंपनी को अपनी बॉटम लाइन पर आने में मदद मिली है। कंपनी की ब्रिटिश इकाई जगुआर लैंड रोवर की आय 2.8 फीसदी बढ़कर 6.4 अरब पाउंड (5,995 हजार करोड़ रुपये) रही।
जेएलआर के सीईओ राल्फ स्पेथ ने कहा कि अभी वैश्विक तौर पर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए यह साल काफी मुश्किल भरा रहा, लेकिन चीन में गाड़ियां बिकने से हमें काफी मदद मिली है। हमारे वित्तीय नतीजों में सुधार देखने को मिला है, जिससे अब कंपनी आगे भी इलेक्ट्रिक, पेट्रोल और डीजल गाड़ियां बनाने में आगे रहेगी। कंपनी का एबिटडा मार्जिन में तीन फीसदी का सुधार देखने को मिला है। हालांकि कोरोनावायरस से अब स्थिति आगे चलकर बदल सकती है।