ऐसा नहीं है कि महिलाएं एक अच्छी बॉस हो नहीं सकतीं, बल्कि वे बॉस बनना ही
नहीं चाहती हैं इसलिए जीवन में संतुलन बनाने के लिए वे अपनी इस
महत्वाकांक्षा का परित्याग कर देती हैं।
अमेरिकी कर्मचारियों पर हुए
अध्ययन में यह पाया गया कि पहली बार रोजगार पाने वाली 43 फीसदी महिलाएं
प्रबंधन के उच्च स्तर पर पहुंचने की इच्छा रखती हैं, लेकिन मात्र दो साल के
कैरियर के बाद सिर्फ 16 प्रतिशत महिलाएं ही बॉस बनने की इच्छा रख पाती
हैं।
यह सब केवल इसलिए क्योंकि वे जीवन में संतुलन बनाकर चलना चाहती
हैं। वे चौबीस घंटे में कभी भी फोन कॉल सुनने और हल्के फुल्के आराम के
पलों में बड़ी डील करने को हतोत्साहित करने वाला मानती हैं। दो साल से
ज्यादा काम करने पर महिलाओं की महत्वाकांक्षा और आत्मविश्वास करीब 60
प्रतिशत तक गिर जाता है।