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इस कंपनी के 1500 कर्मचारियों को दिवाली बोनस में मिली कारें, एफडी

Thu, 25 Oct 2018 11:40 AM IST
Riya Kumari बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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hare krishna export
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हीरे व जेवरात व्यापार में मंदी के बावजूद सूरत के हीरा कारोबारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। यहां के सबसे बड़ी हीरा कंपनी श्री हरे कृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक सावजी ढोलकिया ने गुरुवार को करीब 600 कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर कारें दी हैं। 

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पीएम मोदी के हाथों मिली चाबी

दिल्ली में एक समारोह में कंपनी के चार कर्मचारियों को कारों की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौंपी। इन चार कर्मचारियों में एक 22 साल की महिला दिव्यांग कर्मचारी भी शामिल थी। ढोलकिया ने कहा कि बाकी कर्मचारियों को पीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित भी किया। 

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1500 कर्मचारियों को मिला गिफ्ट

ढोलकिया ने कहा कि इस साल कुल 1500 कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने के लिए चुना गया था। कंपनी ने बाकी बचे 900 कर्मचारियों को फिक्सड डिपॉजिट सर्टिफिकेट दिया है। इस बार कंपनी कर्मचारियों को बोनस देने में करीब 50 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। 



2011 से शुरू किया था देना लॉयल्टी

हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने 2011 से अपने कर्मचारियों को दिवाली पर लॉयल्टी देना शुरू किया था। 2011 में कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 500 फ्लैट, 525 हीरे के जेवरात दिए थे। 2014 में 200 कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर फ्लैट मिला था। 

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सावजी ढोलकिया
डायमंड फर्म हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने हीरा तराशने में महारत रखने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार कर उन्हें दिवाली के बोनस में कार देने का निर्णय लिया था। 6000 करोड़ के टर्न-ओवर वाली इस कंपनी में कार मिलने पर कर्मचारियों की खुशी दिवाली के मौके पर दोगुनी हो गई है।
 
71 देशों में हीरे का कारोबार फैला हुआ है

हरे कृष्णा एक्सपोर्ट का दुनिया के 71 देशों में हीरे का कारोबार फैला हुआ है। हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने अपने गोल्डन जुबली अवसर पर कर्मचारियों को बोनस देन के लिए 51 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सावजी ढोलकिया 2011 से ही अपने कर्मचारियों को इसी तरह का खास दिवाली बोनस देते रहे हैं। पिछले वर्ष कर्मचारियों को दिवाली बोनस में उन्होंने 491 कारें और 200 फ्लैट दिए थे। 

अपने चाचा से कर्ज लेकर हीरे का कारोबार शुरू करने वाले सावजी ढोलकिया गुजरात के अमरेली जिले के दुधाला गांव के रहने वाले हैं। जी-तोड़ मेहनत करने के बाद वह कंपनी को ऊंचाईयों तक ले गए हैं।
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