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यही रफ्तार रही तो सहारा को रकम जुटाने में लग जाएंगे 10 साल

Thu, 04 Aug 2016 03:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सहारा समूह पर 24 हजार करोड़ रुपये की देनदारी के बावजूद कछुआ चाल से रकम के जुगाड़ पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि जिस रफ्तार से आप रकम की व्यवस्था कर रहे हैं, उससे तो आपको दस वर्ष लग जाएंगे। हालांकि पीठ ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय की पैरोल की अवधि 16 सितंबर तक बढ़ाते हुए इस तिथि तक और 300 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है।
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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सहारा समूह द्वारा रकम के जुगाड़ को लेकर किए गए प्रयासों पर नाखुशी जताते हुए कहा कि समूह के पास बड़ी देनदारी है लेकिन अगर वह हर महीने 200 करोड़ रुपये का जुगाड़ करने की बात कह रहा है तो पूरी रकम का जुगाड़ करने में दस वर्ष लग जाएंगे।

वहीं सुब्रत राय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि रकम का जुगाड़ करने के प्रति हम गंभीर हैं। रकम जमा करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने पीठ से कहा कि डेढ़ वर्ष में पूरी रकम की व्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें फ्री हैंड दिया जाए।
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उन्होंने यह भी कहा कि कैनरा बैंक ने बैंक गारंटी (5000 करोड़ रुपये) देने का आश्वासन दिया है। पीठ ने यह भी कहा कि आप ऐसा प्रमाण तो दीजिए जिससे यह पता चल सके कि आप इसे लेकर गंभीर हैं। सुब्रत राय जेल से बाहर हैं, आपको अपना समय रकम के जुगाड़ पर खर्च करना चाहिए। 

शीर्ष अदालत ने कहा कि सहारा समूह ने अपने हलफनामे में कहा है कि उसके पास 187000 करोड़ रुपये की संपत्ति है, बावजूद इसके वह जरूरी रकम की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।

इसी दौरान सेबी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दत्तार ने कहा कि एंबी वैली की ही कीमत हजारों करोड़ रुपये है, सहारा की देनदारी इसी से निकल जाएगी। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि सेबी सोने के अंडे देने वाली मुर्गी के पीछे लगा है। इस पर पीठ ने कहा कि हमें तो सिर्फ अंडे से मतलब है। 

वहीं सेबी ने बताया कि अब तक सहारा की आठ संपत्तियों की ब्रिकी हो चुकी है और इससे 193 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। सेबी ने बताया कि दूसरे राउंड की नीलामी जारी है। साथ ही शीर्ष अदालत ने सहारा को चल संपत्तियों की बिक्री की भी इजाजत दी है।

मालूम हो कि मां की मृत्यु की बाद सुब्रत राय और समूह के दो निदेशकों को सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल दी थी। 11 मई को उनकी पैरोल की अवधि और दो महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। इसके बाद 11 जुलाई को फिर से सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल की अवधि बढ़ा दी थी। बुधवार को पैरोल की अवधि खत्म हो रही थी। 
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सुप्री कोर्ट ने सुब्रत राय की पैरोल अवधि बढ़ाई

वहीं सेबी ने बताया कि अब तक सहारा की आठ संपत्तियों की ब्रिकी हो चुकी है और इससे 193 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। सेबी ने बताया कि दूसरे राउंड की नीलामी जारी है। साथ ही शीर्ष अदालत ने सहारा को चल संपत्तियों की बिक्री की भी इजाजत दी है।

मालूम हो कि मां की मृत्यु की बाद सुब्रत राय और समूह के दो निदेशकों को सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल दी थी। 11 मई को उनकी पैरोल की अवधि और दो महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। इसके बाद 11 जुलाई को फिर से सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल की अवधि बढ़ा दी थी। बुधवार को पैरोल की अवधि खत्म हो रही थी। 
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