शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एस्सार स्टील के अधिग्रहण मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश को खारिज कर दिया है। इस फैसले से आर्सेलर मित्तल द्वारा कंपनी के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कर्ज में डूबी कंपनी एस्सार स्टील का अधिग्रहण अधिग्रहणकर्ता के 23 अक्तूबर, 2013 के रिजॉल्यूशन प्लान के अनुसार होगा।
कर्जदाताओं की समिति ने फैसले को दी थी चुनौती
कर्जदाताओं की समिति ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण के पांच जुलाई के फैसले को चुनौती दी थी, जिसके बाद इसकी सुनवाई चली। न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन के नेतृत्व वाली पीठ ने यह फैसला लिया है।
एनसीएलएटी ने दी थी मंजूरी
एनसीएलएटी ने कर्ज में फंसी कंपनी एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए आर्सेलर मित्तल की 42 हजार करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद कर्जदाताओं की समिति ने इसके विरोध में उच्चतम न्यायालय में अपील की थी। बता दें कि एस्सार स्टील के ऊपर 54,547 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। आर्सेलर मित्तल ने कर्ज में डूबी एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए 42,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।