भारत में एयरलाइन कंपनियों को ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा है। एयरलाइन कंपनियों का कर्ज और ऑपरेशन कॉस्ट दोनों ही ज्यादा है। अब इस संदर्भ में सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने वाली घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट के सीएमडी अजय सिंह ने कहा है कि इसके लिए इंडिगो जिम्मेदार है क्योंकि उसने लागत से भी कम में टिकट बेची है।
आगे अजय सिंह ने कहा कि एयरलाइन के पास कीमत तय करने की शक्ति नहीं होती। हवाई टिकट विमान में सफर कर रहे लोगों की संख्या पर निर्भर करता है।
स्पाइसजेट को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 463 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि बोइंग 737 मैक्स विमानों के खड़े होने, खर्च में इजाफे और अकाउंटिंग नियमों में बदलाव का सबसे ज्यादा असर हुआ है। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी को 389.4 करोड़ का घाटा हुआ था।
कंपनी ने बताया कि संचालन राजस्व बढ़कर इस दौरान 2,845.3 करोड़ पहुंच गया, जो एक साल पहले 1,874.8 करोड़ था। सितंबर तिमाही में घरेलू विमानन उद्योग में नरमी छाई रहने का भी कंपनी की कमाई पर असर हुआ है। अकाउंटिंग नियमों में बदलाव होने से कंपनी के खर्च में भी इजाफा हुआ है।