शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

ONGC और GAIL जैसी बड़ी कंपनियों से छिन सकता है पीएसयू का ताज, यह है कारण

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 13 Jul 2019 12:59 PM IST
ओएनजीसी (ONGC), आईओसी (IOC), गेल (GAIL) और एनटीपीसी (NTPC) जैसी कई महारत्न और नवरत्न कंपनियों से पीएसयू (PSU) का टैग छिन सकता है। ऐसा तब होगा जब इन कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम होने की स्थिति में उनसे पीएसयू का टैग हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। ऐसे में यह कंपनियां स्वतंत्र बोर्ड द्वारा संचालित कंपनियां बन जाएंगी। अगर ऐसा होता है तो यह कंपनियां कैग (CAG) और सीवीसी (CVC) की जांच के दायरे से बाहर हो जाएंगी। सरकार का लक्ष्य इन्हें पूरी स्वतंत्रता प्रदान करना है। 
विज्ञापन
सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस संदर्भ में वित्त मंत्री पीएसयू कंपनियों की दूसरी सूची तैयार करने को लेकर नीति आयोग से संपर्क कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि इस सूची में ऐसी पीएसयू कंपनियां होंगी, जिनमें उनकी हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम हो सकती है। सूची में उन कंपनियों को शामिल किया जाएगा जिनसे पीएसयू का टैग छीना जा सकता है और स्वतंत्र रूप से बोर्ड द्वारा संचालित निजी कंपनियां बनाया जा सकता है। बता दें कि मौजूदा समय में पीएसयू बने रहने के लिए किसी कंपनी में सरकार (केंद्र या राज्य या दोनों सरकारों) की हिस्सेदारी 51 फीसदी या उससे अधिक होनी अनिवार्य है। 

सरकारी कंपनियों की अब तीन श्रेणियां हो सकती हैं-
  • पहली श्रेणी - जिसमें सरकार और इसके संस्थानों की हिस्सेदारी 51 फीसदी या उससे अधिक है। 
  • दूसरी श्रेणी - वह कंपनी जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम है लेकिन कानून में बदलाव के साथ कंपनी के पास पीएसयू का टैग बना रहता है। 
  • तीसरी श्रेणी - यह कंपनियां सरकार की 26 या 40 फीसदी हिस्सेदारी के साथ निजी कंपनियां बन जाएंगी और बोर्ड द्वारा संचालित होंगी। इस श्रेणी में कई पेशेवर तरीके से संचालित महारत्न और नवरत्न पीएसयू कंपनियां आएंगी। 
विज्ञापन

Recommended

psu psu companies public sector companies iocl ongc पीएसयू आईओसी ओएनजीसी

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।