सेबी ने सहारा समूह से पैसा वसूली के लिए उसकी संपत्तियों की बिक्री आगे बढ़ाते हुए उसके 16 और प्लॉटों को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ई-नीलामी के जरिये बेचे जाने वाले इन प्लॉटों की आरक्षित कीमत करीब 1900 करोड़ रुपये रखी गई है। नीलामी के लिए स्टेट बैंक समूह की कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट और एचडीएफसी रियलिटी को जिम्मेदारी दी गई है।
इससे पहले सेबी ने सहारा के 10 अन्य प्लॉटों को बेचने की प्रक्रिया शुरू की थी। एसबीआई कैप ने बृस्पतिवार को जारी एक सूचना में कहा कि वह 13 जुलाई को आठ परिसंपत्तियों की नीलामी करेगी। इसके लिए कुल आरक्षित मूल्य 1,196 करोड़ रुपए तय किया गया है।
एचडीएफसी रीयल्टी ने एक अलग सूचना में कहा कि वह 15 जुलाई को 702 करोड़ रुपए से अधिक के आरक्षित मूल्य पर पांच परिसंपत्तियों की नीलामी करेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सेबी ने इस नीलामी के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और एचडीएफसी रीयल्टी को ठेका दिया है और इन्हें सहारा समूह के कुल 61 प्लॉटों की नीलामी करने का काम दिया गया है। न्यायालय का आदेश है कि इन्हें प्रचलित सर्किल दरों के
90 प्रतिशत से कम दाम पर नहीं बेचा जाएगा।
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय की जमानत के लिए जमा कराने की शर्त पूरा करने के लिए यह नीलामी की जा रही है। राय इस समय पैरोल पर हैं। सेबी ने उच्चतम न्यायालय के सहारा की परिसंपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश के बाद एचडीएफसी रीयल्टी और एसबीआई कैप को इस काम का जिम्मा दिया है।
एचडीएफसी रीयल्टी को 2,400 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य पर 31 परिसंपत्तियों को बेचने के लिए कहा गया है जबकि एसबीआई कैप को करीब 4,100 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य पर 30 परिसंपत्तियां बेचने का जिम्मा दिया गया है। ये देश के विभिन्न इलाकों में हैं। सहारा समूह ने इन परिसंपत्तियों के मालिकाना हक के कागजात सेबी को सौंप दिए हैं।