बाजार नियामक सेबी ने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व मालिक सिंह बंधुओं पर 4 अरब रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया है। सेबी ने अब दोनों भाईयों (मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह) को पूरा पैसा वापस करने का आदेश दिया है।
जांच रहेगी जारी
सेबी ने कहा कि वो फिलहाल फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड में हुए घपले की जांच को जारी रखेगा। इस जांच में वो और व्यक्तियों के बारे भी पता करेगा, जिन्होंने यह घपला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेबी ने दोनों भाईयों को तीन महीने का वक्त पैसा वापस करने के लिए दिया है।
एक भाई ने किया था केस, लिया वापस
कंपनी के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अपने बड़े भाई मालविंदर सिंह के खिलाफ केस किया था, लेकिन फिर बाद में वापस लेने के लिए एनसीएलटी में आवेदन किया था।
शिविंदर ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उनके बड़े भाई तथा गोधवानी की गतिविधियों की वजह से कंपनियों तथा उनके शेयरधारकों का हित प्रभावित हुआ है। शिविंदर मोहन सिंह ने कहा, मैंने एनसीएलटी में याचिका वापस लेने के लिए आवेदन कर दिया है। उन्होंने बताया, मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि इससे बात नहीं बनती है तो मेरे पास अपील दोबारा दायर करने का विकल्प होगा।
यह लगाया था आरोप
शिविंदर ने एनसीएलटी में दाखिल याचिका में आरएचसी होल्डिंग, रेलिगेयर और फोर्टिस में कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया है जिसकी वजह से कंपनी, शेयरहोल्डर और कर्मचारियों को नुकसान हुआ। याचिका में रेलीगेयर के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी को भी प्रतिवादी बनाया है। बता दें कि फोर्टिस के शेयरधारकों ने पिछले महीने मलयेशिया की आईएचएच के साथ 7,100 करोड़ रुपए के सौदे को मंजूरी दी थी। मलयेशियाई कंपनी इसमें नियंत्रक हिस्सेदारी लेगी।