फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टाटा-मिस्त्री विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के आदेश पर लगाई रोक

Fri, 24 Jan 2020 12:40 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

टाटा-मिस्त्री विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टाटा-साइरस मिस्त्री मामले में अपीली न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के कंपनी पंजीयक की याचिका रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। एनसीएलएटी ने कंपनी पंजीयक के उसके आदेश में संशोधन के अनुरोध से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया था। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायाधीश बीआर गवई व सूर्यकांत की एक पीठ ने टाटा संस प्रा. लि. (टीएसपीएल) की याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गई है और संबधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा वह टाटा संस द्वारा एनसीएलएटी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका के साथ ही इस मामले की सुनवाई करेगा।

टीएसपीएल ने 18 दिसंबर के एनसीएलएटी के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें साइरस मिस्त्री को टीएसपीएल के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल करके साइरस इन्वेस्टमेंट प्रा. लि. को बड़ी राहत दी गई थी। एनसीएलएटी ने 110 अरब डॉलर के टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के प्रमुख के पद पर मिस्त्री को फिर बहाल करने का आदेश दिया था और कहा था कि 2016 में उन्हें गलत तरीके से पद से हटाया गया था। न्यायाधिकरण ने आरओसी द्वारा टाटा संस को पब्लिक कंपनी से निजी कंपनी में बदले जाने को भी ‘अवैध’ करार दिया था।

आरओसी ने कुछ शब्द हटाने का किया था अनुरोध

इस क्रम में कंपनी मामलों के मंत्रालय के अधीन आने वाले आरओसी ने न्यायाधिकरण में याचिका दायर करके टाटा संस को निजी कंपनी में तब्दील किए जाने के मामले में ‘अवैध’ और ‘आरओसी की मदद से’ शब्द हटाए जाने का आग्रह किया था। हालांकि एनसीएलएटी ने फैसले में संशोधन के अनुरोध को खारिज करते हुए कहा था कि फैसले में आरओसी के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।

टाटा संस के छठे चेयरमैन थे साइरस मिस्त्री

साइरस मिस्त्री टाटा संस के छठे चेयरमैन थे और उन्हें इस पद से अक्तूबर 2016 में हटा दिया गया था। रतन टाटा के बाद उन्होंने 2012 में चेयरमैन का पद संभाला था। समूह के 150 साल के इतिहास में मिस्त्री चेयरमैन बनने वाले टाटा परिवार से बाहर के दूसरे व्यक्ति थे।  

साइरस मिस्त्री परिवार ने किया था विरोध 

बता दें सितंबर 2017 में टाटा संस को पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बनाने के लिए शेयरधारकों ने मंजूरी दी थी। उसके बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) ने टाटा संस को निजी कंपनी के तौर पर दर्ज किया था। सायरस मिस्त्री परिवार इसके खिलाफ था क्योंकि निजी कंपनी होने से वे अपने शेयर बाहरी लोगों को नहीं बेच सकते, बल्कि टाटा को ही बेचने पड़ेंगे। जबकि, पब्लिक लिमिटेड कंपनी के शेयरधारक किसी को भी अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें