भारत के सत्या नडेला अमेरिका में दुनिया के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले सीईओ के तौर पर सामने आए हैं। माइक्रोसाफ्ट सालाना तौर पर 525 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि उन्हें देती है।
राजस्व के आधार पर आंकी गई अमेरिका की 100 शीर्ष कंपनियों के सीईओ के वेतन की लिस्ट में नडेला पिछले वर्ष दूसरे स्थान पर थे। यह लिस्ट 'द इक्वेलियर 100 सीईओ पे स्टडी' के आधार पर बनाई गई है।
ओरेकल के सीईओ लैरी एल्लिसन को तब पहला स्थान मिला था, लेकिन इस बार वह दूसरे पायदान पर हैं। वेतन पाने वाले टॉप 100 सीईओ की लिस्ट में अगला भारतीय नाम पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नूयी का है।
इंद्रा नूयी इस लिस्ट में 19वें स्थान पर हैं। नूयी की सैलरी करीब 116 करोड़ रुपए है। वहीं निवेश की दुनिया के दिग्गज वारेन बफे इस लिस्ट में 100 वें स्थान पर हैं।
ये भी हैं टॉप 10 में
सत्या नडेला के बाद दूसरा नंबर है ओरेकल के लैरी एलिसन का। एलिसन की सैलरी 67.3 मिलियन डॉलर (करीब 410 करोड़ रुपए) है। इस लिस्ट में तीसरा स्थान प्राप्त किया है स्टीवन मोलेनकॉफ ने, जो क्वालकॉम कंपनी के सीईओ हैं। स्टीवन की सैलरी 60.7 मिलियन डॉलर (करीब 370 करोड़ रुपए) है।
टॉप 10 की इस लिस्ट में वाल्ट डिज्नी के रॉबर्ट ईगर, सीवीएस हेल्थ के लैरी मेर्लो, ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी फॉक्स के के रूपर्ट मर्डोक, बोइंग के डब्ल्यू जेम्स मैकनेर्नी, मॉर्गन स्टेनली के जेम्स गोरमैन, हनीवेल इंटरनेशनल के डेविड कोट और अमेरिकन एक्सप्रेस के केन्नेथ शेनॉल्ट हैं।
कौन हैं सत्या नडेला?
आइए जानते हैं सत्या नडेला के बारे में कुछ खास बातें –
1- हाईपर-एजुकेटेड
46 वर्षीय सत्या नडेला का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ और वहीं उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा हुई। बेगमपेट के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के बाद नडेला ने मनिपाल यूनिवर्सिटी से सूचना और प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। अमरीका जाने के बाद उन्होंने विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस और शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी की।
2- क्लाउड गुरु
सत्या नडेला को ‘क्लाउड गुरु’ भी कहा जाता है। क्लाउड उस सेवा को कहते हैं, जो इंटरनेट पर पूरी तरह से चलती है और उससे संबंधित सेवाएं या कम्प्यूटर फाइल इंटरनेट के जरिए दुनिया के किसी भी कोने से देखे या प्रयोग किए जा सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट में काम करते हुए सत्या ने एमएस ऑफिस को क्लाउड पर लाने में अहम भूमिका निभाई। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि ऑफिस 365 उसके सबसे सफल उत्पादों में से एक है। माइक्रोसॉफ्ट की अपनी क्लाउड सेवा ‘अजूर’ को भी स्थापित करने में नडेला का महत्वपूर्ण योगदान है।
3- माइक्रोसॉफ्ट में 22 साल
नडेला 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और तब से अब तक उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में कई उत्पादों का नेतृत्व किया। इनमें से कुछ कंपनी के लिए बेहद लाभकारी साबित हुए, जैसे विंडो सर्वर, डेवलपर्स टूल, अजूर और कुछ जो बाजार में बहुत अच्छा नहीं कर पाए जैसे ‘बिंग’।
4- माइक्रोसॉफ्ट से पहले सन
करीब 22 साल पूर्व माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ने से पहले नडेला सन माइक्रोसिस्टम में काम करते थे, जिस पर अब ओरेकल का स्वामित्व है।
5- माइक्रोसॉफ्ट के तीसरे सीईओ
सत्या नडेला टेक्नॉलॉजी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के 38 वर्षों के इतिहास में तीसरे मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ हैं। उनसे पहले ये पद केवल स्टीव बामर और कंपनी के संस्थापक बिल गेट्स के पास था।
6- क्रिकेट की दीवानगी
सत्या नडेला को क्रिकेट पसंद हैं। सत्या के अनुसार जब वो बड़े हो रहे थे तो यह खेल ही उनका जुनून था, वो अपनी स्कूल की क्रिकेट टीम में भी थे। नडेला कहते हैं कि उन्होंने क्रिकेट से ही टीम भावना और टीम का नेतृत्व करना सीखा।
7- सीखने की भूख
सत्या का कहना है कि जो लोग उन्हें क़रीब से जानते हैं, वो मानते हैं कि मैं नई चीजें सीखने का भूखा हूं, वो कहते हैं, “मैं जितनी किताब पढ़ पाता हूं, उससे अधिक खरीदता हूं। जितने ऑनलाइन कोर्स कर पाता हूं, उससे कहीं अधिक के लिए बुकिंग कर लेता हूं। मेरा विश्वास है कि अगर हम नई चीजें नहीं सीखेंगे तो हम नया काम भी नहीं कर पाएंगे।”
8- ‘बेटर-हाफ’
जिस साल नडेला माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े उसी साल उन्होंने अपने बचपन की दोस्त अनुपमा से शादी की। अनुपमा और सत्या, दोनों के पिता दोस्त हैं और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। सत्या और अनुपमा नडेला के तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो ‘विशेष जरूरतमंद’ हैं। उनका परिवार वॉशिंगटन के बेलेव्यू में रहता है।