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रिलायंस की पहल: कोरोना जांच उपकरण स्थापित करने की तैयारी, इस्रायली विशेषज्ञों के लिए मांगी अनुमति

Thu, 06 May 2021 03:03 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने इस्रायल के विशेषज्ञों की एक टीम को भारत आने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। यह टीम कोविड-19 की त्वरित पहचान के उपकरण भारत में स्थापित करेगी।
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रिलायंस - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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देश में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में सरकार के अलावा निजी संस्थाओं का भी योगदान अहम माना जा रहा है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने इस्रायल के विशेषज्ञों की एक टीम को भारत आने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। यह टीम कोविड-19 की त्वरित पहचान के उपकरण भारत में स्थापित करेगी। रिलायंस ने इस प्रणाली को इस्रायली के एक स्टार्ट-अप से 1.5 करोड़ डॉलर में हासिल किया है।

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भारत को ऐसे होगा फायदा
कंपनी सूत्रों के अनुसार, ब्रेथ ऑफ हेल्थ (बीओएच) के एक प्रतिनिधिमंडल को रिलायंस के आग्रह पर पहले ही आपात मंजूरी दी जा चुकी है। इस्रायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिषण देगी। यह प्रणाली कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों और मरीजों के बारे में शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर देगी। प्रणाली कुछ ही सेकंड में परिणाम बता देती है।

कोविड-19 की जांच कर सकेगी कंपनी
बहरहाल, इस्रायल ने अपने नागरिकों को दुनिया के सात देशों में जाने से मना किया हुआ है। भारत में इन सात देशों में शामिल है जहां कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिलायंस समूह ने जनवरी में बीओएच के साथ कोविड-19 का परीक्षण करने की प्रणाली को लेकर 1.5 करोड़ डॉलर का समझौता किया है। समझौते के मुताबिक इस प्रणाली के जरिए रिलायंस इंडस्ट्रीज बड़े पैमाने पर कोविड-19 की जांच कर सकेगी। 
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95 फीसदी तक है प्रणाली की सफलता दर
कंपनी 1.5 करोड़ डॉलर में ऐसी कई प्रणाली इस्रायल से खरीदेगी जिससे एक करोड़ डॉलर मासिक की लागत पर लाखों परीक्षण किए जा सकेंगे। बीओएच ने सांसों के जरिए परीक्षण की यह प्रणाली विकसित की है जिसकी सफलता दर 95 फीसदी तक बताई जाती है।

रोज 1000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन
मालूम हो कि ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने जामनगर रिफाइनरी से विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन यानी एलएमओ की सप्लाई तेज कर दी है। जामनगर तेल रिफाइनरी में हर रोज 1000 MT से अधिक मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा है। यहऑक्सीजन कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित राज्यों को मुफ्त में दी जा रही है। रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी खुद ही पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। रिफाइनरी में ऑक्सीजन उत्पादन से लेकर उसकी लोडिंग और सप्लाई पर मुकेश अंबानी नजर बनाए हुए हैं। 

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