रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी साझेदार कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) व निको रिसोर्सेज ने नई गैस कीमतों को लागू करने की मंजूरी में देरी को लेकर केंद्र सरकार को मध्यस्थता नोटिस (आबिट्रेशन नोटिस) भेजा है।
तीनों कंपनियों द्वारा 9 मई को जारी सरकार को भेजे गए प्री आबिट्रेशन नोटिस में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2014 से गैस की गैस की बढ़ी हुई कीमतों को लागू करने में सरकार की नाकामी के चलते वह अपनी गैस परियोजना में इस साल करीब 240 अरब रुपये (4 अरब डॉलर) का निवेश नहीं कर सकी हैं।
हालांकि मामले से जुड़े सरकार पक्ष के सूत्रों का बताना है कि तीनों कंपनियों की ओर से सरकार को भेजा गया यह नोटिस अधूरा है, क्योंकि कंपनियों ने इसमें मामले की मध्यस्थता के लिए अपने मध्यस्थ के नाम का उल्लेख नहीं किया है, जो कि प्रोडक्शन शेयरिंग कांट्रेक्ट (पीएससी) के तहत जरूरी है।
हालांकि 17 जून को तीनों कंपनियों की ओर से भेजे गए नोटिस में लंदन के सर डेविड स्टील का नाम मध्यस्थ के रूप में दिया गया है।