इससे पहले बेटे के खिलाफ विजयपत सिंहानिया ने कई पत्र कंपनी के बोर्ड को लिखे थे। इन पत्रों में विजयपत ने शिकायत की थी, कि उन्हें बोर्ड की बैठक के बारे में सूचना नहीं दी जा रही है। कंपनी के सीए और निदेशक थॉमस फर्नाडिज की तरफ से 7 सितंबर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विजयपत ने अपने पत्र में काफी अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया था।
परिवार में जो विवाद चल रहा है, उसका कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। उनके गलत आचरण और व्यवहार के कारण कंपनी ने आजीवन चेयरमैन बने रहने के पद से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है।
गौतम सिंहानिया ने किया बचाव
गौतम सिंहानिया ने अपने पिता के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पिता को भूलने की बीमारी हो गई है। उनको याद नहीं रहता है कि वो किससे कब और क्या बोले हैं। मैं अभी भी सारे विवाद बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता हूं लेकिन कंपनी के मामले वो राय नहीं दे सकते हैं। उनको हटाने का फैसला बोर्ड ने लिया है और मेरी इसमें किसी तरह की कोई भूमिका नहीं है।