सरकार ने अपने विनिवेश लक्ष्यों को पूरा करने के लिए क्रास होल्डिंग के जरिए इंडियन ऑयल कंपनी की 10 फीसदी हिस्सा बेचने का फैसला किया है।
सरकार ने अपने विनिवेश लक्ष्यों को पूरा करने के लिए क्रास होल्डिंग के जरिए इंडियन ऑयल कंपनी की 10 फीसदी हिस्सा बेचने का फैसला किया है। कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी दूसरी सरकारी कंपनियां ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड खरीदेंगी। आपस में हिस्सेदारी खरीदने के जरिए सरकार करीब 4,800 से 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है।
बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री पी.चिदंबरम की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह ने इस संबंध में हिस्सेदारी बेचने के लिए ब्लॉक डील करने का फैसला किया है। फैसले की जानकारी देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मंत्री वीरप्पा मोइली ने संवाददाताओं को कहा कि इंडियन ऑयल कंपनी की हिस्सेदारी बेचने के लिए ब्लॉक डील की सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
सरकार को कंपनी की हिस्सेदारी अगले हफ्ते बेचने की उम्मीद है। इस संबंध में हिस्सेदारी खरीदने वाली दोनों कंपनियों ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड के बोर्ड से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया जल्द अपनाई जाएगी। सरकार ने ब्लॉक डील करने का फैसला इंडियन ऑयल द्वारा विनिवेश प्रक्रिया को बाजार के जरिए करने के विरोध के बाद किया है। कंपनी मौजूदा माहौल में सामान्य विनिवेश के तरीके जरिए पूंजी जुटाने का समर्थन नहीं कर रही थी।