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विप्रो ही नहीं, इस भारतीय कंपनी ने भी बजाया विदेश में डंका

Wed, 26 Jun 2019 06:25 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : अमर उजाला
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देश में कार्यरत कई कंपनियां अब विदेशी ब्रांडों को पीछे करने में लगी हैं। आईटी और उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी विप्रो ने जहां हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के एक ब्रांड को को पीछे कर दिया है।  इससे पहले देशी आईटी कंपनी टीसीएस ने भी आईबीएम को बाजार पूंजीकरण के मामले में पीछे कर दिया था। वहीं टाटा समूह भी विश्व के कई नामी कंपनियों को टक्कर दे रहा है। 

लक्स को पछाड़ा

संतूर ने दो हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ एचयूएल के लक्स को पछाड़ दिया और अब लाइफ बॉय के सामने चुनौती पेश कर रहा है। एचयूएल की ताजा सालाना रिपोर्ट में लाइफबॉय और लक्स को क्रमशः दो हजार करोड़ और एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के सेल्स ब्रैकेट में रखा गया था। 

शहरी क्षेत्रों में बढ़ी मांग

विप्रो ने बयान जारी करते हुए कहा कि संतूर की मांग शहरी और ग्रामीण बाजारों में लगातार बढ़ रही है। सिर्फ शहरी बाजारों में संतूर ने 13.4 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की और यहां वह लक्स 12 फीसदी और लाइफबॉय 13 फीसदी, दोनों से आगे निकल गया। 

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संतूर देश के दक्षिणी और पश्चिमी इलाके में लक्स से ज्यादा प्रचलित है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर संतूर 34 फीसदी लक्स 60 फीसदी के आगे नहीं टिकता। 

11 जून को टीसीएस ने रचा था इतिहास

टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने इसी महीने की 11 तारीख को इतिहास रचते हुए आईबीएम को बाजार पूंजीकरण के मामले में काफी पीछे कर दिया था। उस दिन टीसीएस का बाजार पूंजीकरण जहां  8.37 लाख करोड़ रुपये (12050 करोड़ डॉलर) हो गया है, वहीं आईबीएम का बाजार पूंजीकरण केवल 8.32 लाख करोड़ रुपये (11960 करोड़ डॉलर) था। 

टाटा ने किया कई विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण

टाटा समूह ने भी विदेश में स्थित कई प्रमुख कंपनियों का अधिग्रहण किया। टेटली चाय, जगुआर लैंड रोवर, कोरस, ओक्लॉक जैसे कई विदेशी ब्रांड अब टाटा समूह का हिस्सा हैं। 

फोर्ब्स की वैश्विक सूची में शामिल हैं 57 कंपनियां

2019 में फोर्ब्स ने जो 2000 कंपनियों की वैश्विक सूची जारी की थी, उसमें 57 कंपनियां भारत की थीं। इन कंपनियों में सबसे शीर्ष पर रिलायंस इंडस्ट्रीज थी। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली यह कंपनी 126वें पायदान पर है, जबकि एसबीआई 130वें, इंडियन आयल 313वें, एनटीपीसी 341वें, टाटा स्टील 345वें, भारती एयरटेल 471वें और सेल 502वें स्थान पर थीं। इनके अलावा, लार्सन एंड टुब्रो 548वें पायदान पर, जबकि एचडीएफसी बैंक 632वें पायदान पर थी। इसके अलावा पेटीएम, टेक महिंदा, आईडीएफसी बैंक, ओयो रूम आदि भी इसमें शामिल हैं।

दुनिया की बड़ी कंपनियों में शामिल है आईओसी

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) रेवेन्यू के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसके साथ ही यह भारत की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी है और देश पेट्रोल-डीजल की बिक्री के लिए इसी कंपनी पर निर्भर है। दुनिया की अग्रणी मैगजीन फॉर्च्यून की 2016 की ‘ग्लोबल 500’ लिस्ट के मुताबिक 33 हजार कर्मचारियों के साथ आईओसी दुनिया की बड़ी कंपनियों में 161वें पायदान पर है। 

विश्व की 10 शीर्ष आईटी कंपनियों में 4 भारतीय

देश की चार शीर्ष आईटी कंपनियों ने ब्रांड वैल्यू के मामले में बाजी मारी है। पहली बार इस लिस्ट में विप्रो शामिल हुई है। हालांकि यह शीर्ष 10 कंपनियों में सबसे निचले पायदान पर रही है। कंपनियों के ब्रांड की वैल्यू बताने वाली फर्म ब्रांड फाइनेंस ने रिपोर्ट में बताया कि टॉप-10 में टीसीएस के अलावा इंफोसिस, एचसीएल और विप्रो हैं। रोजगार देने वाले भारत के बड़े आईटी दिग्गजों में – टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, कॉग्निजेंट आदि कंपनियां हैं।

शीर्ष पर रही यह कंपनी

इस लिस्ट में अमेरिकी आईटी कंपनी एक्सेंचर का पहला स्थान रहा। पिछले साल यह कंपनी दूसरे स्थान पर थी। अब दूसरे स्थान पर आईबीएम रही। तीसरे स्थान पर टीसीएस, चौथे स्थान पर कॉग्निजेंट, पांचवे पर इंफोसिस, छठे पर केपजेमनी, सातवें पर डीएक्ससी, आंठवे पर एचसीएल, नौवें पर एनटीटी डेटा और दसवें पर विप्रो रही। 
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