राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने वीडियोकॉन समूह की 15 कंपनियों से जुड़े कर्ज समाधान मामले पर तीन सप्ताह में आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। एसबीआई की अगुवाई वाले कर्जदाता समूह की अपील पर एनसीएलटी ने मुंबई पीठ से कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द फैसला जारी करना चाहिए।
मुंबई पीठ को मिला निर्देश
एसबीआई और कंपनी के समाधान पेशेवर ने एनसीएलएटी में याचिका दाखिल कर बताया कि इस मामले पर बहस पूरी हो चुकी है। ट्रिब्यूनल की मुंबई पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जनवरी, 2019 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, अब तक इसे जारी नहीं किया जिससे 90 हजार करोड़ की कर्ज समाधान प्रक्रिया अधर में है। इस पर एनसीएलएटी के चेयरमैन जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कर्जदाता समूह से कहा कि अगर निर्देश के बावजूद तीन सप्ताह के भीतर मुंबई पीठ आदेश जारी नहीं करती है तो वे दोबारा सूचित करें। पीठ ने कहा, मामले से जुड़ी 15 कंपनियों और कर्जदाता समूह की अपील व मामले की गंभीरता को देखते हुए हम मुंबई पीठ को तीन सप्ताह के भीतर जितनी जल्दी हो सके, आदेश जारी करने का निर्देश देते हैं।
छह महीने से फैसला सुरक्षित
अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि मुंबई पीठ जनवरी में ही बहस पूरी कर फैसला सुरक्षित रख चुकी है। इतना ही नहीं 16 अप्रैल, 2019 को सुनवाई सूचीबद्ध किए जाने के बावजूद उसने आदेश नहीं सुनाया। अगर तीन सप्ताह के भीतर फैसला सामने नहीं आता है तो अपीलकर्ता हमें सूचित करेंगे। गौरतलब है कि मामले के ट्रिब्यूनल में होने से समूह की इन कंपनियों से कर्ज वसूली नहीं हो पा रही है।