प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया मुहिम पर बेशक सियासी सवाल उठ रहे हैं। लेकिन पीएम की यह मुहिम रंग लाई जाई है। बीते एक वर्ष में सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने में सफल रही है।
बताया जा रहा है कि अक्टूबर 2014 से सितंबर 2015 के बीच भारत में विभिन्न क्षेत्रों के जरिए 2,07527.38 करोड़ का विदेशी निवेश आया है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में अक्टूबर 2014 से अप्रैल 2015 के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अंतर्वाह में 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
हालांकि अधिकांश विदेशी निवेश कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, सेवा क्षेत्र, व्यापार, आटोमोबाईल, निर्माण और दूरसंचार क्षेत्र में आया है। लेकिन पीएम मोदी के सुधार के प्रयासों ने विदेशों में भारत के प्रति सकारात्मक माहौल बना दिया है।
भारत में हुआ भारी सुधार
डूइंग बिजनेस रिपोर्ट ने 27 अक्टूबर को वर्ष 2016 के लिए रैंकिंग जारी
करते हुए भारत की स्थिति में सुधार दिखाया है। वर्ष 2016 के लिए डूइंग ने
भारत की रैंकिंग 130वें स्थान पर रखी है।
जबकि उसके 2015 के रैंकिंग में
भारत का स्थान 142वां था। डूइंग ने कहा है कि व्यवसाय शुरू करने, निर्माण
अनुमति के कार्य और बिजली प्राप्त करने के संकेतों में भारत में भारी सुधार
हुआ है।
वहीं व्यवसाय शुरू करने और कामकाज के माहौल के रूप में पीएम
मोदी का गृह राज्य अब भी निवेशकों और उद्योग जगत का पसंदीदा बना हुआ है।
यूपी 10 वें स्थान पर
विश्व बैंक और केपीएमजी की सहायता से भारत सरकार के लिए बनी रिपोर्ट में
व्यवसायिक कामकाज के लिहाज से गुजरात का स्थान सबसे उपर है।
लगभग 71.14
लोगों ने कामकाज के लिए गुजरात के सुधारों को पसंद किया है। दूसरे स्थान पर
आंध्रप्रदेश और तीसरे पर झारखंड हैं। व्यवसाय सुधार के लिए राज्यों के कदम
का मुल्यांकन करने के बाद यह रिपोर्ट तैयार हुई है।
देश के 32 राज्यों में
उत्तरप्रदेश का स्थान 10वां है। तो हरियाणा 14वें, पंजाब 16वें, हिमाचल
17वें और उत्तराखंड 23वें स्थान पर है।