दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट ने छंटनी की कवायद शुरू कर दी है। कंपनी ने तीन हजार से अधिक लोगों को पहले दौर मेंं बाहर निकालने की तैयारी कर ली है। जिन लोगों पर सबसे पहले इसकी मार पड़ेगी, वो ज्यादातर लोग सेल्स डिपॉर्टमेंट में काम करते हैं। ये लोग यूएसए से बाहर काम करते हैं। हालांकि यूएस में काम करने वाले लोगों पर अभी इसका असर नहीं पड़ा है।
एएफपी की खबर के अनुसार, कंपनी अपने सेल्स और मार्केटिंग डिपार्टमेंट को रिस्ट्रक्चर करने जा रही है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वो केवल इन दोनों डिपार्टमेंट में कुछ जरूरी बदलाव करने जा रही है, जिससे वो अपने कस्टमर्स और सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल कर सके। कंपनी पिछले दो सालों में 12 हजार से अधिक लोगों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है।
क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस सर्विस पर रहेगा जोर
माइक्रोसॉफ्ट अब अपना फोकस सॉफ्टवेयर की जगह क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस सर्विस पर करने जा रही है। कंपनी के सीईओ सत्या नडेला ने कहा कि वो अब डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन करने पर जोर रहेगा। नडेला ने कहा कि विश्व की बड़ी से लेकर के छोटी कंपनियां और एनजीओ भी माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड प्लेटफॉर्म का प्रयोग करने लगे हैं।
कमाई में विंडोज से आगे हुआ क्लाउड कंप्यूटिंग
कंपनी की तिमाही बिजनेस के आंकड़ों में भी कमाई के मामले में क्लाउड ने विंडोज को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम कंपनी का कोर बिजनेस हुआ करता था।
क्लाउड से कंपनी को जो कमाई हुई है उसमें 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं ऑफिस कमर्शियल और क्लाउड सर्विस से कमाई में 7 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।