केंद्र सरकार की तरफ से नियुक्त क्राउन प्रोसेक्यूशन सर्विस के वकील ने माल्या के वकील द्वारा दिए गए साक्ष्यों को आधारहीन बताया। सीपीएस के वकील मार्क समर ने इन साक्ष्यों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि भारत सरकार ने इसे फ्रॉड बताया है। उन्होंने कहा कि जज को भारत सरकार द्वारा दिए गए साक्ष्यों के आधार पर जल्द से जल्द फैसला सुनाना चाहिए।
9 हजार करोड़ रुपये का किया गया है फ्रॉड
लिकर किंग के नाम से मशहूर विजय माल्या अपने घोटालों पर से पर्दा उठने के पहले भी सुर्खियों में रहते थे। जिन्हें कभी देश की आलीशान पार्टियों के मेजबान के तौर पर जाना जाता था, वह अब अपने नाम के आगे 'भगोड़े' का टाइटल लगवा चुके हैं।
विजय माल्या पर देश के विभिन्न बैंकों का 9 हजार करोड़ का बकाया है। वह इस बकाये के साथ विदेश भाग गए हैं। सरकार पिछले एक साल से माल्या को वापस लाने का प्रयास कर रही है लेकिन अब तक कामयाब नहीं हो पाई है।
स्पेशल कोर्ट ने जारी किया है अरेस्ट वारंट
बेंगलूरू की स्पेशल कोर्ट ने भगोड़ा बिजनेसमैन विजय माल्या सहित 18 लोगों के खिलाफ किंगफिशर एयरलाइंस मामले में अरेस्ट वारंट जारी किया है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की शिकायत के आधार पर यह वारंट जारी किया गया है। यह कार्यालय कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन आता है।
किंगफिशर एयरलाइंस से संबंधित मामलों में कंपनियों के कानून के अंतर्गत हुए विभिन्न उल्लंघनों का मामला साल 2012 में सामने आया था।