एशिया की सबसे बड़ी सिगरेट बनाने वाली और भारत की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी-- इंडियन टुबैको कंपनी (आईटीसी) अब कैफे कॉफी डे (सीसीडी) में हिस्सेदारी नहीं खरीदेगी। कंपनी ने कहा है कि सीसीडी का उधार बहुत ज्यादा है, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया है। इससे पहले कोका कोला ने भी सीसीडी में हिस्सेदारी खरीदने के लिए अपनी तरफ से रुचि दिखाई थी। इससे पहले दिन में खबर आई थी कि आईटीसी अपने पोर्टफोलियो को विस्तार देने के लिए सीसीडी में हिस्सेदारी खरीदने को इच्छुक है।
आईटीसी अपनी छवि को एक तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी से हटाकर के अब लोगों की जरूरत का सामान तैयार करने वाली कंपनी के तौर पर करना चाहती है। सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर जहां कई सारे टैक्स लगा दिए हैं, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर पाबंदी लगा दी है। कॉफी डे पर अपने संस्थापक वी जी सिद्धार्थ द्वारा लिए गए उधार को कम करने का दबाव है, जिसके चलते सिद्धार्थ ने खुदकुशी कर ली थी।
कॉफी डे के फिलहाल पूरे देश में 1700 आउटलेट्स हैं। यह स्टारबक्स से 10 गुणा ज्यादा हैं। कोका-कोला देश में कैफे बिजनस में पांव जमाना चाहती है क्योंकि कार्बोनेटेड ड्रिंक के उसके मुख्य बिजनस में सुस्ती बनी हुई है। इससे पहले जून में भी खबर आई थी कि कोका-कोला कैफे कॉफी डे में हिस्सेदारी खरीद सकती है।