जुलाई-सितंबर तिमाही में आईटीसी को अब तक का सबसे अधिक मुनाफा हुआ है। इस दौरान कंपनी को 4,023.10 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। पिछले साल के मुकाबले यह 36 फीसदी ज्यादा है। तब आईटीसी को 2,954.67 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
इसलिए बढ़ा मुनाफा
कंपनी को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। टैक्स पर सरकार के बड़े कदम से आईटीसी का टैक्स खर्च करीब आधा हो गया है।
इतना कम हुआ कंपनी का टैक्स खर्च
गुरुवार को कंपनी ने नतीजे घोषित किए, जिसके मुताबिक पिछली तिमाही में कंपनी का टैक्स खर्च 784.60 करोड़ रुपये रहा। वहीं पिछले साल यानी सितंबर 2018 में आईटीसी का टैक्स खर्च 1414.45 करोड़ रुपये रहा था।
रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी
टैक्स खर्च कम होने के अतिरिक्त रेवेन्यू में बढ़ोतरी की वजह से भी कंपनी को ज्यादा मुनाफा हुआ है। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 5.31 फीसदी बढ़ा है, जिसके बाद यह 11,871.5 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2018 में यह 11,272.51 करोड़ रुपये था।
एफएमसीजी सेक्टर और होटल सेगमेंट का रेवेन्यू भी बढ़ा
एफएमसीजी सेक्टर की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का सिगरेट की बिक्री से रेवेन्यू भी बढ़ा है। इसमें छह फीसदी की वृद्धि हुई है, जिसके बाद यह 5,326.83 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं होटल सेगमेंट का रेवेन्यू 17.67 फीसदी बढ़कर 426.63 करोड़ रुपये हो गया है।
शुक्रवार को आईटीसी के शेयर में बढ़त
नतीजों की घोषणा के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को आईटीसी के शेयर में बढ़त देखने को मिली। 256.90 के स्तर पर खुलने के बाद सुबह करीब 11:25 बजे आईटीसी के शेयर में 1.85 अंक यानी 0.74 फीसदी की बढ़त आई थी, जिसके बाद यह 250.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं पिछले कारोबारी दिन यह 249.05 के स्तर पर बंद हुआ था।