देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो का परिचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड की सालाना आम बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक के दौरान कंपनी के एक प्रमोटर राकेश गंगवाल शामिल नहीं हुए थे। इसलिए उनकी गैरमौजूदगी की वजह से शेयरधारकों में काफी नाराजगी थी। कंपनी के चेयरमैन एम दामोदरन को सिक्योरिटी गार्ड्स भी बुलाने पड़े।
राकेश गंगवाल ने ही बुलाई थी बैठक
बता दें कि यह बैठक राकेश गंगवाल ने ही बुलाई थी इसलिए उनकी उनुपस्थिति में शेयरधारक नाराज हो गए। बैठक में मौजूद एक शेयरधारक ने बताया कि, 'रेजोल्यूशन से यह साफ नहीं हो पाया है कि राकेश गंगवाल अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं या नहीं। गंगवाल ने खुद ही बैठक बुलाई और वे शामिल नहीं हुए।'
इसलिए बुलाई गई थी बैठक
लाइव मिंट की खबर के अनुसार, बैठक में कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में कुछ बदवालों के लिए शेयरधारकों से मंजूरी ली जानी थी। गंगवाल उनकी कंपनियों या दूसरे को-प्रमोटर राहुल भाटिया के आईजीई ग्रुप की कंपनियों के स्टेक सेल के दौरान दूसरे प्रमोटर के पास जो राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल का अधिकार है वह खत्म करना चाहते हैं।
राकेश गंगवाल गुट के कहने पर रखी गई बैठक
गंगवाल गुट के पास इंटरग्बोल एविएशन के 36.64 फीसदी शेयर हैं। इंटरग्लोब एविएशन ने बताया कि कंपनी के को-प्रमोटर राकेश गंगवाल गुट के कहने पर यह बैठक रखी गई है।
कतर एयरवेज के साथ कोडशेयर अग्रीमेंट
हाल ही में इंडिगो ने कतर एयरवेज के साथ कोडशेयर अग्रीमेंट किया था। इस अग्रीमेंट के बाद कतर एयरवेज इंडिगो के कुछ चुनिंदा रूटों पर सीटों को बुक कर सकेगी। इंडिगो 48 फीसदी हिस्सेदारी के साथ भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी है।
इंडिगो के प्रमोटरों के बीच सामने आए थे मतभेद
मालूम हो कि गंगवाल और दूसरे प्रमोटर राहुल भाटिया के बीच मतभेद भी सामने आए थे। गंगवाल ने कंपनी के गवर्नेंस में खामियों का आरोप लगाते हुए शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी से दखल की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि कंपनी अपने सिद्धांतों और संचालन के मूल्यों से भटक चुकी है। एक पान की दुकान इससे ज्यादा बेहतर तरीके से मामलों को सुलझा सकती है। इन दोनों के बीच कंपनी प्रशासन को लेकर विवाद ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई थी। इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर विस्तार करने की योजना है।
दिसंबर तिमाही में 168 फीसदी बढ़ा इंडिगो का मुनाफा
इंटरग्लोब एविएशन का दिसंबर 2019 तिमाही में शुद्ध लाभ तेजी से बढ़ा है। 167.9 फीसदी की बढ़त के बाद यह 496 करोड़ रुपये हो गया। बता दें कि दिसंबर तिमाही के अंत तक एयरलाइन के बेड़े में कुल 257 विमान थे।
इसलिए आई बढ़त
अधिक आय की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। इस संदर्भ में कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि एक साल पहले अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में उसका कर पूर्व लाभ 185.2 करोड़ रुपये रहा था। जानकारी के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल आय उछलकर 10,330.2 करोड़ रुपये हो गई। साल 2018-19 की दिसंबर तिमाही में यह आंकड़ा 8,229.3 करोड़ रुपये था।