छंटनी की आशंका को देखते हुए मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनी नोकिया के चेन्नई स्थित कारखाने के कर्मचारी सोमवार को भूख हड़ताल पर रहे। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने केंद्र व तमिलनाडु सरकार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
कर्मचारियों ने गुहार लगाई है कि दोनों सरकारें यह सुनिश्चित करें कि नोकिया द्वारा अपना हैंडसेट कारोबार व भारतीय परिसंपत्तियों को माइक्रोसॉफ्ट को बेचे जाने के चलते किसी भी कर्मचारी की नौकरी को कोई खतरा न होने पाए।
नोकिया के चेन्नई प्लांट में तीन हजार से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर 20 से 30 वर्ष की आयु के हैं और इनमें महिलाओं की काफी बड़ी तादाद है। हड़ताल के चलते सोमवार को प्लांट के कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर अपने विरोध का प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने चन्नई स्थित स्टेट गेस्ट हाउस के पास प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि उनमें से ज्यादातर श्रीपेरंबदूर में नोकिया द्वारा यह प्लांट शुरू किए जाने के वक्त से काम कर रहे हैं। वर्षों तक सेवा करने के बाद अगर उनको नौकरी से हटाया जाता है, तो उनके लिए जीवन-यापन करना मुश्किल हो जाएगा।