केंद्र सरकार ने दो कंपनियों को महारत्न कंपनियों की श्रेणी में रखने का एलान किया है। सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसीएल) और पावरग्रिड कॉर्पोरेशन को इस श्रेणी मे रखा गया है। इससे इन कंपनियों को परिचालन और वित्तीय फैसलों को लेने में पूरी स्वतंत्रता मिलेगी।
दो अलग-अलग आदेश में इस बात की घोषणा भारी उद्योग मंत्रालय के आधीन सरकरी कंपनियों के विभाग ने की है। इससे इन दोनों कंपनियों के बोर्ड, वित्तीय मामलों सारे फैसले ले सकेंगे।
महारत्न कंपनियां ले सकती हैं ये फैसले
महारत्न कंपनियां बाजार में इक्विटी के जरिए निवेश कर सकती है। इसके साथ ही वो अन्य कंपनियों के साथ वित्तीय साझेदारी के अलावा देश-विदेश में विलय या फिर अधिग्रहण कर सकेंगी। हालांकि इसके लिए एक प्रोजेक्ट में पांच हजार करोड़ रुपये का ही निवेश कर सकती हैं।
इसके अलावा कंपनियां अपनी संपत्तियों का ट्रांसफर, ताजा निवेश और सहयोगी कंपनियों में हिस्सेदारी को कम करने जैसे फैसले भी ले सकेंगी। तकनीक अपग्रेड करने के लिए वो अन्य कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकती हैं। एचपीसीएल की स्थापना 1974 में हुई थी, जबकि पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन देश की सबसे बड़ी विद्युत सप्लाई कंपनी है। यह 2007 से शेयर बाजार में लिस्टेड है।