ऑनलाइन पोकर गेम खेलकर वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डमैन साक्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने करोड़ों रुपये गवां दिए थे। इस रकम को चुकाने के लिए उसने कंपनी के खातों का इस्तेमाल किया। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी झुनझुनवाला ने फर्म से कथित तौर पर 38 करोड़ रुपये की ठगी की, जिसके बाद मंगलवार को उसे बंगलूरू पुलिस ने गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि झुनझुनवाला का सहयोगी वेंदात अभी भी फरार है। कंपनी के कानूनी प्रमुख अभिषेक परशीरा की शिकायत के आधार पर इन दोनों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
प्राथमिकी के अनुसार झुनझुनवाला ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए अपने तीन अधीनस्थों गौरव मिश्रा, अभिषेक यादव और सुजीत अप्पैया का इस्तेमाल किया था। उसने कथित तौर पर उन्हें प्रशिक्षण के बहाने अपने साथ ले लिया था। पुलिस उपायुक्त एमएन अनुचेत ने बताया कि झुनझुनवाला ने दूसरे फाइनेंशियल मैनेजर्स के अकाउंट में घुसपैठ की। इसके बाद उनके खातों से अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर लिए थे। उन्होंने चार सितंबर को महज 10 मिनट में इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। कंपनी के इंटरनल मैकेनिज्म के कारण ये संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए। झुनझुनवाला ने दो किश्तों में 38 करोड़ रुपये की राशि इंडस्ट्रियल एंड कर्मिशयल बैंक ऑफ चाइना में हस्तांतरित कर दी।
पुलिस के मुताबिक, कंपनी ने शिकायत में कहा है कि झुनझुनवाला ऑनलाइन गेम में 47 लाख रुपये हार गए थे। इसके अलावा उन पर कुछ कर्ज भी था। इससे वह आर्थिक संकट की स्थिति में थे। पिछले महीने उन्होंने एक बैंक से लिए गए पर्सनल लोन को बढ़वाने की कोशिश भी की थी, लेकिन पिछली छह ईएमआई नहीं देने के कारण उनकी एप्लीकेशन खारिज कर दी गई थी।