फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को चुनौती देने वाली अमेजन की अपील पर एक सदस्यीय मध्यस्थता समिति का फैसला कुछ दिनों में आ सकता है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मध्यस्थता समिति ने पिछले सप्ताह इस मामले में अमेजन और फ्यूचर ग्रुप की दलीलें सुनी हैं।
क्या है मामला?
अमेजन ने फ्यूचर ग्रुप को कानूनी नोटिस जारी करते हुए आरोप लगाया था कि रिटेलर कंपनी ने अपनी 24,713 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचकर ई-कॉमर्स कंपनी के साथ करार का उल्लंघन किया है। सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन केंद्र में 16 अक्तूबर को इस मामले पर सुनवाई हुई।
29 अगस्त 2020 को हुई थी घोषणा
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने कहा कि मध्यस्थता मामले में वीके राजाह ने 16 अक्तूबर को सुनवाई की। राजाह सिंगापुर के पूर्व अटॉर्नी जनरल हैं। सूत्र ने कहा कि वह इस मामले में अगले कुछ दिन में अपना निर्णय सुना सकते हैं। फ्यूचर-रिलायंस सौदे की घोषणा 29 अगस्त 2020 को की गई थी।
सौदे के तहत फ्यूचर ग्रुप ने अपने खुदरा, थोक और लॉजिस्टिक्स आदि कारोबार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा इकाई रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) को बेचने की घोषणा की थी। अमेजन ने पिछले साल फ्यूचर की गैर-सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर कूपंस लिमिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। इसके साथ ही उसे तीन से 10 साल के दौरन समूह की प्रमुख कंपनी फ्यूचर रिटेल के अधिग्रहण का अधिकार मिला था। फ्यूचर कूपंस के पास फ्यूचर रिटेल की 7.3 फीसदी हिस्सेदारी है।